ललितपुर। विध्यांचल पर्वत के पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दूधई से देवगढ़ तक पर्यटक पथ बनाया जाएगा। इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस से पर्यटक पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर सकेंगे। इसकी योजना जिला प्रशासन ने बनाकर शासन को पत्र भेजा है। हालांकि यह मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस कारण पर्यावरण एवं वन विभाग से भी पत्राचार किया गया है।
जिले में विध्यांचल पर्वत की कई पहाड़ियां है। दूधई से लेकर देवगढ़ तक इन पहाड़ियों में कई गुफाएं व मंदिर निर्मित हैं। जिसमें दूधई का नरसिंह मंदिर व देवगढ़ की बौद्ध गुफाएं काफी प्राचीन हैं। यहां करीब 20 कि मी लंबा वन विभाग का पुराना मार्ग था। लेकिन वर्तमान में यह मार्ग जर्जर हो गया है। इसे सुदृढ कर इस पर विशेष वाहन चलाए जाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए जिलाधिकारी आलोक सिंह ने पर्यटन मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को पत्राचार किया है।
अगर इस मार्ग को तैयार करने की अनुमति प्राप्त होती है तो इलेक्ट्रिक बस से पर्यटकों को भ्रमण कराया जाएगा। इससे पर्यटक विध्यांचल पर्वत के साथ ही वन क्षेत्र का भी लुत्फ उठा सकेंगे। बताया जाता है कि इस मार्ग के बीच में कई जगह पर पहाड़ियां प्राकृतिक तौर पर कई कलाकृतियों का रूप धारण किए हैं। साथ ही दुर्लभ वनजीव भी मौजूद हैं। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बरसात के समय पर प्राकृतिक झरने भी देखने को मिलते हैं। जिला प्रशासन ने पर्यटन विकास को लेकर यह योजना तैयार की है। इससे रोजगार और विकास में इजाफा होगा। बतातें चलें कि हाल ही में देवगढ़ में पर्यटकों को रोकने के लिए कई कार्ययोजना शासन में लंबित हैं।
जनपद में पर्यटन विकास की है असीम संभावनाएं
विध्यांचल पर्वत की तलहटी में बसे जनपद में पर्यटन की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। तीन ओर जंगल ही जंगल मौजूद हैं। जिसमें कई प्रकार से दुर्लभ जानवर, पक्षी तक विचरण करते हैं। इसके साथ यहां पर प्राचीन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, प्राकृतिक झरने, किले, नदियां, बांध सहित अन्य पौराणिक स्थल भी मौजूद है। हाल ही में शासन ने बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन से इन पर्यटन क्षेत्रों का विकास करने की योजनाएं मांगी थी। जिसके बाद से ही जनपद में पर्यटन क्षेत्रों के विकास की उम्मीद बढ़ गई है।
दूधई से लेकर देवगढ़ तक पुराना वन मार्ग है। इस मार्ग को सुदृढ करने की कार्ययोजना के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है।
आलोक सिंह, जिलाधिकारी