आज ठप रह सकती है शहर की जलापूर्ति
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ललितपुर। बुधवार को आधे से ज्यादा नगरीय क्षेत्र में जल संस्थान द्वारा पेयजल की आपूर्ति नहीं की जा सकी और बृहस्पतिवार को भी पेयजल आपूर्ति हो सकेगी, इसका पर संदेह बना हुआ है। बारिश के कारण गोविंद सागर बांध से पानी के साथ आ रही मिट्टी की सफाई न हो पाने के कारण यह स्थिति बनी है। पेयजल आपूर्ति कब सुचारु होगी, इसका कोई ठिकाना नहीं है।
बारिश के शुरुआती दौर में ही जनपद हर ओर जलमग्न हो गया है, लेकिन शहर में पेयजल की समस्या गहरा गई है। सही फिल्ट्रेशन नहीं होने के चलते दो दिन से नलों में पानी आना बंद हो गया है। यदि पानी आ भी रहा है तो मिट्टी से सना हुआ गंदा पानी नलों से मिल रहा है। इस कारण शहर में बीमारियों का खतरा हो गया है। बुधवार को नगर के अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप रही। जल संस्थान के अधिकारी बृहस्पतिवार को जल आपूर्ति होने के बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है, कि पानी के साथ गंदगी के कारण फिल्टर करने में समय लग रहा है और कई समस्याएं पैदा हो रही है। जिस कारण से पेयजल आपूर्ति ठप है। सुचारु पेयजल आपूर्ति बारिश के थमने व गोविंद सागर बांध में एकतित्र पानी में घुली मिट्टी के बैठ जाने के बाद हो सकेगी।
जलसंस्थान द्वारा डोड़ाघाट स्थित तीन फिल्ट्रेशन प्लांट द्वारा पूरे शहर को पेयजलापूर्ति की जाती है। एक फिल्ट्रेशन प्लांट द्वारा गोविंदनगर, दूसरे फिल्ट्रेशन प्लांट द्वारा नेहरुनगर और तीसरे फिल्ट्रेशन प्लांट द्वारा बाकी शहरी क्षेत्र को पेयजलापूर्ति होती है। जुलाई माह के शुरुआत से ही अच्छी बारिश के कारण शहर का गोविंद सागर बांध 90 फीट लेवल तक पहुंच जाने से लबालब हो गया है। पूरा जनपद जलमग्न दिखाई दे रहा है। इसके बाद भी नगर में पेयजल संकट गहरा गया है। शहर में दो से तीन दिन में एक बार ही पानी मिल पा रहा है और वह भी मात्र आधा घंटा तक ही। जलसंस्थान को पर्याप्त मात्रा में बिजली भी मिल रही है, फिर भी शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
गोविंद नगर फिल्ट्रेशन प्लांट के अंतर्गत गांधीनगर, वर्णीचौराहा, नेहरुनगर, स्टेशन क्षेत्र, चंडीमंदिर आदि क्षेत्रों में दो दिनों से पेयजलापूर्ति नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ा। वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा फिल्ट्रेशन प्लांट से र्प्याप्त क्षमता में पानी शोधित नहीं होने का कारण बताकर पल्ला झाड़ लिया जा रहा है।
बारिश में पानी के साथ मिट्टी अधिक आ रही है, जिससे फिल्ट्रेशन में चार से पांच घंटे का समय लग रहा है। जब बारिश थम जाएगी तो बांध के पानी में मिट्टी नीचे बैठ जाएगी और फिल्ट्रेशन भी शीघ्रता से व सही काम करने लगेगा।
वीरेंद्र श्रीवास्तव
अवर अभियंता, जलसंस्थान