शुरुआत में उपचार से कैंसर का इलाज संभव :सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कैंसर का नाम सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है। यदि बीमारी की शुरुआत में ही पहचान हो जाए और समय पर उपचार मिल जाए, तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। कैंसर से जागरूकता और समय पर इलाज के लिए लोगों को डर छोड़कर जांच के लिए आगे आना चाहिए। यह बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने बताया कि जनपद में मुंह और गले के कैंसर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। इसका प्रमुख कारण गुटखा, खैनी, बीड़ी और सिगरेट का सेवन है। नोडल अधिकारी एनसीडी डॉ. अमित तिवारी ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस प्रत्येक वर्ष चार फरवरी को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मुंह में कोई ऐसा छाला है, जो दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा, या गले में गांठ महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह कैंसर की शुरुआती अवस्था हो सकती है।
पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. सौरभ सक्सेना ने कहा कि गुटखा, खैनी, बीड़ी और सिगरेट का सेवन न करें। जंक फूड से बचें, नियमित व्यायाम करें और अपने आहार में ताजे फल व सब्जियों को शामिल करें। तेज धूप से बचाव करें, गरम भोजन को प्लास्टिक के डिब्बों में न रखें। शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ, पुराना छाला या तिल के रंग में बदलाव दिखे, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। यदि परिवार में पहले किसी सदस्य को कैंसर रहा हो, तो अधिक सतर्क रहें और नियमित स्क्रीनिंग कराएं। कैंसर की समय पर पहचान होने पर कई प्रकार के कैंसर को नियंत्रित किया जा सकता है। जानकारी की कमी, डर और भय के कारण बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य इसी सोच को बदलना है।
गोष्ठी में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामनरेश सोनी, डॉ. अवधेश चंद्र यादव, जिला प्रशासनिक अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, दीपक जैन, संजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
यह है 2026 की थीम
विश्व कैंसर दिवस 2026 की थीम “यूनाइटेड बाय यूनिक” है। इसका उद्देश्य कैंसर से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग यात्रा, जरूरतों और अनुभवों को स्वीकार करते हुए एकजुट होना है। “यूनाइटेड बाय यूनिक” का अर्थ है कि हर व्यक्ति की कैंसर से लड़ाई अलग होती है, लेकिन लक्ष्य एक ही है।