- फसलों की अच्छी पैदावार के लिए लिया गया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में प्राकृतिक खेती, नेशनल मिशन नेचुरल फार्मिंग और नेशनल मिशन एंड एअीबिल ऑयल के तहत फसलों की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग की मृदा परीक्षणशाला द्वारा 10,415 किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे।
कृषि विभाग के मृदा परीक्षणशाला के माध्यम से जनपद की मिट्टी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाता है। मृदा परीक्षणशाला द्वारा कृषि विभाग से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत अच्छी खेती के लिए मिट्टी का परीक्षण कराया जाता है और प्रयोगशाला में जांच की जाती है। इसके बाद किसानों को मिट्टी की जांच का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाता है, जिसमें किसानों को मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने पर उसके उपचार के लिए उर्वरक की मात्रा की जानकारी भी दी जाती है। विभाग द्वारा संचालित जनपद में प्राकृतिक खेेती योजना के तहत इस बार 2949 जिले में नमूने लिए गए थे, जिनका डाटा भी मृदा विज्ञान परीक्षणशाला को उपलब्ध हो गया है और इसका डाटा कार्यालय को भी भेज दिया है और किसानों को भी इसके रिपोर्ट कार्ड पहुंचाने का काम भी शुरू है। वहीं, विभाग द्वारा नेशल मिशन नेचुरल फार्मिंग के लिए इस बार 2375 मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य मिला था, जिसके तहत क्षेत्रीय कर्मचारियों की मदद से पोर्टल से भी डाटा लेकर फीड किया जा रहा है। वहीं, नेशनल मिशन एंड एडिबिल ऑयल योजना के तहत खरीफ और रबी की फसल के लिए कुल 4490 किसानों का लक्ष्य रखा था, इसके लिए अब तक 2500 से अधिक मिट्टी के नमूने लिए गए हैं। अब यह सभी नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। वहीं, रबी के सीजन के लिए भी मृदा परीक्षणशाला द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिले में अब 3600 मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं। जबकि इससे पूर्व खरीफ के सीजन में भी विभाग द्वारा 8400 मिट्टी के नमूने जांच के लिए गए थे, जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद किसानों को उसका रिपोर्ट कार्ड भी जारी किया जा चुका है। मृदा परीक्षणशाला प्रभारी गिरजेश कुमार ने बताया कि शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत मिट्टी के नमूनों की जांचकर उनमें पाई जाने वाली कमी के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार कर उन किसानों को उर्वरक की मात्रा कमी के अनुसार रखने की सलाह दी जाती है।