ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री के लिए केवल किताबों पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आने वाले समय में स्कूली बच्चे विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रश्न बैंक से अपनी तैयारी कर सकेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग निजी विद्यालयों से टक्कर लेने के लिए कई बदलाव कर रहा है। जहां अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या बढ़ाई है। वहीं, अब बच्चों को विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्न बैंक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसे धरातल पर उतारने की तैयारी प्रारंभ हो गई है। इसके तहत दो दिवसीय 29 व 30 जुलाई को कार्यशाला बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ में रखी गई है। इसमें जिले के तीन शिक्षकों को प्रतिभाग करने के लिए बुलाया गया है। प्राथमिक विद्यालय झरावटा के प्रधानाध्यापक राजीव श्रीवास्तव, उच्च प्राथमिक विद्यालय बिल्ला के हेमंत तिवारी व उच्च प्राथमिक विद्यालय सिगेंपुर की सहायक अध्यापक शैली साहू शामिल हैं।
सहायक शिक्षा निदेशक अब्दुल मुबीन ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि शिक्षकों/जनपदों द्वारा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्न बैंक तैयार कराए गए हैं, जिन्हें राज्य स्तर पर संकलित किया जाना है। तत्पश्चात शिक्षकों/विषय विशेषज्ञों की राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसे बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अध्यापकों एवं बच्चों के उपयोग के लिए अपलोड किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्न बैंक पर आधारित एप निर्माण पर विचार विमर्श किया जाएगा। उधर, कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे सहायक अध्यापक हेमंत तिवारी का कहना है कि शिक्षा को तकनीकी से जोड़ने व गुणवत्ता युक्त शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग बढ़ रहा है। इसमें परिषदीय पाठ्यक्रम की पुस्तकों से प्रश्नों के एक प्रश्न बैंक का निर्माण किया जा रहा है साथ ही प्रश्नों को एक एप पर अपलोड करने का कार्य बेसिक शिक्षा निदेशालय स्तर पर गतिमान है। इस प्रश्न बैंक के बनने व एप तैयार होने से शिक्षकों को उन विषयों के शिक्षण में भी मदद मिल सकेगी, जिन विषयों का अध्ययन उन्होंने उच्च स्तर पर नहीं किया है या जिन विषयों में उनकी विशेषज्ञता नहीं है। कई बार देखने में आता है कि यदि किसी विद्यालय में विज्ञान शिक्षकों की तैनाती नहीं है और वहां सामाजिक विषय का शिक्षक कार्यरत है तो ऐसी दशा में उस शिक्षक को विज्ञान विषय के शिक्षण में कठिनाई आती है। इसी प्रकार गणित विषय के शिक्षक के अभाव में कला वर्ग के शिक्षक को गणित विषय के शिक्षण में परेशानी होती है। इस तरह की समस्या में शिक्षक व बच्चों को प्रश्न बैंक सहायक सिद्ध होगा। बच्चों को सभी विषयों से संबंधित जानकारी आसानी उपलब्ध हो सकेगी। जनपद स्तर पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने इस ओर प्रयास किया था। उस दौरान सह समन्वयकों की मदद से प्रश्नों का संकलन पुस्तिका के रूप में कराया था। जिसे प्रत्येक संकुल पर भेजने की योजना थी लेकिन गैर जनपद स्थानांतरण होते ही इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका है। अब बेसिक शिक्षा के उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया है।