करीब चार माह पूर्व क्षतिग्रस्त टॉवरवैगन शेड निर्माण का कार्य डीआरएम के आदेश के बाद आखिरकार रेलवे द्वारा शुरू कर दिया गया है। अनियंत्रित टॉवरवैगन रेल इंजन के टकराने से यह शेड क्षतिग्रस्त हो गया था। गत दिनों रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने उक्त क्षतिग्रस्त टॉवरवैगन शेड देख कर निर्माण शुरू नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद निर्माण कार्य अब शुरू कर दिया गया है।
रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मियों द्वारा रेल कार्यों के प्रयोग के लिए टॉवरवैगन इंजन का प्रयोग किया जाता है। उक्त टावरवैगन इंजन में रेल पटरियों की मरम्मत समेत अन्य रेल कार्यों के लिए जरुरी सामान भी रखकर ले जाते हैं। यह टावरवैगन इंजन रखने के लिए एस एंड टी रेलवे विभाग के सामने थाना जीआरपी के आगे शेड का निर्माण किया गया है। ताकि यहां इंजन व रेल सामान को सुरक्षित रखा जा सके। गत चार माह पूर्व उक्त टावरवैगन को रेल कार्यों को पूरा करने के बाद शेड में रखा जा रहा था, कि तभी लापरवाही के चलते टावरवैगन बंद शेड से जा टकराई। जिससे शेड का लोहे का दरवाजा व दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। तभी से यह टावरवैगन शेड क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा हुआ था। जिसके चलते टावरवैगन का इंजन खुले में रखना पड़ रहा था।
गत दिनों रेलवे स्टेशन निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम ने उ क्त क्षतिग्रस्त टावरवैगनशेड का निर्माण कार्य शुरु नहीं होने पर नाराजगी जताई थी औीर शेड का निर्माण शुरु कराने के आदेश दिए थे। जिस पर रेलवे विभाग हरकत में आया और अब उक्त क्षतिग्रस्त शेड की दीवार का निर्माण कर लोहे का गेट लगाना शुरु कर दिया गया है। इसके साथ ही रेलवे विभाग द्वारा अधूरे पड़े अन्य कार्यों को भी पूरा करना शुरू दिया है, ताकि अगले निरीक्षण में डीआरएम की नाराजगी न झेलनी पड़े।