ललितपुर। जिले में कोरोना वायरस संक्रमण जानलेवा साबित होता जा रहा है। तीन में तीसरी मौत होने से लोग दहशत में हैं। बुधवार को प्रतिष्ठित व्यापारी के युवा पुत्र की मौत होने से शहरवासी सन्न रह गए हैं। इससे पहले अब तक लोग कोरोना को लेकर बेपरवाह घूम रहे थे, लेकिन इस घटना ने लोगों को बचाव के नियमों का पालन करने के लिए मजबूर कर दिया है। जिले में अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1079 पहुंच गई है। इनमें 14 की मौतें हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कोरोना जांच का दायरा बढ़ा दिया। जहां शुरुआत में 10 सैंपल लिए जा रहे थे वह बढ़कर दो हजार तक पहुंच गए हैं। संक्रमित की पहचान तुरंत हो सके, इसके लिए एंटीजन किट से 15 मिनट में जांच रिपोर्ट मिल रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें लक्षण होने पर व्यक्ति को चिह्नित कर सैंपल कर जांच कराई जा रही है लेकिन तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं। जनपद में कोरोना खतरनाक होता जा रहा है। यहां पर बीते तीन दिनों में तीन लोगों की मौत हो गई है।
बुधवार को शहर के मोहल्ला छत्रसालपुरा निवासी एक व्यापारी के 29 वर्षीय पुत्र की मौत हो गई। कोरोना के लक्षण होने के चलते जिला अस्पताल में उसकी 19 अगस्त को जांच कराई गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। लक्षण पाए होने के चलते स्वास्थ्य विभाग ने महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था। जहां पर 26 अगस्त को उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही शहर में शोक छा गया।
इससे पहले सोमवार को शहर के मोहल्ला चौबयाना निवासी वृद्ध महिला की कोरोना के चलते मौत हो गई थी। वहीं, मंगलवार को सैदपुर बैंक में कार्यरत बैंक प्रबंधक की मौत हो गई, जो शहर के सुभाष मार्केट में एक मकान में किराए पर रहते थे।
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व्यापारी के प्रतिष्ठित परिवार को लगा दोहरा आघात
अप्रैल माह में इस प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के मोहल्ला आजादपुरा निवासी बड़े पुत्र ने अपनी पत्नी सहित खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार अभी इस दुख से बाहर नहीं निकल पाया कि बुधवार को छोटे पुत्र की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। इससे शहर में शोक का माहौल बन गया।
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शहर के मोहल्ला छत्रसालपुरा निवासी 29 वर्षीय युवक की जांच 19 अगस्त को हुई थी, लक्षण होने के चलते झांसी रेफर किया गया था। जहां पर उसकी मौत हो गई।
- डॉ. प्रताप सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी