ललितपुर। जिले में तीन निजी नॉनस्टॉप बसों का संचालन आरंभ हो गया है, जबकि अन्य बसें अभी भी स्टैंड पर खड़ी हैं। ऐसे बस मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार उनका तीन माह का टैक्स माफ नहीं करती, तब तक बसों का परिचालन नहीं किया जाएगा।
22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले से ही निजी बसों के पहिये थम गए थे। जिसके बाद से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लगा दिया था। तब से जिले में निजी बसों के पहिये थमे थे। अब जनपद में जुलाई में मात्र तीन निजी नॉनस्टॉप बसों का ही संचालन शुरू हुआ है। अन्य निजी बसों के पहिये अभी भी थमे हैं। अन्य सभी बसों के मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार तीन माह का टैक्स माफ नहीं करेगी, तब तक वह अपनी बसें नहीं चलाएंगे।
यह तीन बसे होने लगी संचालित
जनपद में चलने वाली दो गुढ़ा - झांसी नॉनस्टाप और एक मड़ावरा - झांसी नॉनस्टाप शुरू हुईं हैं। गुढ़ा - झांसी नॉनस्टाप सुबह गुढ़ा से चलकर छह बजे महरौनी, सात बजे ललितपुर और 9:30 बजे झांसी पहुंचेगी। इसी प्रकार दूसरी गुढ़ा नॉनस्टाफ 8 बजे महरौनी और 9 बजे ललितपुर और साड़े ग्यारह बजे झांसी पहुंचेगी। मड़ावरा से चलने वाली बस सुबह 8 बजे मड़ावरा से प्रारम्भ होकर पोने नौ बजे महरौनी और दस बजे ललितपुर और साढ़े ग्यारह बजे झांसी पहुंचेगी। इसी प्रकार ये बसें अपने पूर्व निर्धारित समय से झांसी से वापिस आएंगी।
हमारी पांच बसें हैं, जो तीन माह से ज्यादा समय से खड़ी है। इससे हमें काफी नुकसान हुआ है। लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हुआ तभी शादियों का सीजन था। सरकार को तीन माह का टैक्स माफ करना चाहिए। - बृजेश रिछारिया, बस मालिक
बसों को खड़े- खड़े तीन माह से ज्यादा हो गया, अब अगर सरकार तीन माह का टैक्स माफ करदे तो हम लोग बसों का संचालन शुरु कर देंगे। - राजू राजा
घर बैठे तीन माह से भी ज्यादा हो गया। खर्चा बराबर हो रहा था, लेकिन आमदनी कहीं से नहीं हो रही थी। अब बस शुरु हुई है तो हमें रोजगार मिल गया है। - रवि शंकर भौंड़ेले, परिचालक
जिले में अभी तीन निजी नॉनस्टॉप बसें ही चलना शुरू हुईं हैं। जिन्होंने कागज सरेंडर नहीं किए थे और अपना पूरा टैक्स जमा कर दिया था, उन बसों का संचालन आरंभ हो गया है। - मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष बस ऑपरेटर यूनियन
जिले में जो प्राईवेट बसें संचालित हो रहीं हैं। उनके संचालक सवारियों से मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर कराएं। रास्ते में न रोकें, केवल बस स्टॉप पर ही खड़ी करें। - योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी ललितपुर