नगर पालिका परिषद मजदूरों की कमी को देखते हुए आउट सोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों को रखती है। वर्तमान में 122 सफाई कर्मचारियों के साथ कंप्यूटर आपरेटर, सीढ़ी चालक व अन्य कर्मी मिलाकर कुल 140 कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से काम कर रहे हैं। इन मजदूरों से नाले व नालियों की सिल्ट निकलवाने के साथ- साथ कचरा उठाने का काम भी कराया जाता है। नगर को स्वच्छ रखने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। इन कर्मचारियों को पद के हिसाब से मजदूरी दी जाती है, लेकिन मार्च में संबंधित ठेकेदार के ठेके की अवधि समाप्त होने के बाद ठेकेदार का नया रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। इससे अप्रैल, मई, जून माह की मजदूरी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिल पाई है। हालांकि, पिछली बोर्ड बैठक में नगर पालिका के कर्मचारियों को वेतन देने संबंधी प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन मजदूरों के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया, जिससे अब कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया। मजदूरी के संबंध में नगर पालिका के अफसरों का कहना है कि प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। एक- दो दिन में कर्मचारियों को मजदूरी वितरित की जाएगी।