ललितपुर। ब्लाक तालबेहट के तीन प्रधानाध्यापकों को बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर फर्नीचर का भुगतान करना महंगा पड़ गया है। बीएसए ने तीन प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को फर्श की जगह कुर्सी पर बैठने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। बीते महीनों में चयनित फर्म ने विभिन्न विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति की। बीएसए रामप्रवेश ने इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए टेक्निकल कमेटी गठित कराई। बीते दिनों खण्ड शिक्षा अधिकारी तालबेहट ब्रजेश सिंह ने विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि ब्लाक तालबेहट के 20 विद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2017-18 में फर्नीचर की धनराशि 1,56,100/- रूपये (एक लाख छप्पन हजार सौ रूपये) प्रेषित किए गए थे। झांसी की एक फर्म ने टेण्डर स्वीकृत होने के उपरांत संबंधित विद्यालयों में 35 डेस्क एवं बैंच की आपूर्ति की। टेक्निकल टीम ने फर्नीचर की गुणवत्ता की जांच की। उधर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कडेसरा कला, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय वर्मा बिहार, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय पवा, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय म्यांव, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय बिजरौठा, पूर्वमाध्यमिक विद्यालयतरगुंवा,पूर्वमाध्यमिक विद्यालय सेरवासकला, पूर्वमाध्यमिक विद्यालयटेटा, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय बौलाई, पूर्वमाध्यमिक विद्यालय बम्हौरीसर द्वारा 1,52,215/-(एक लाख बावन हजार दो सौ पन्द्रह रूपये) का भुगतान कर दिया गया था। भुगतान होने के उपरांत अध्यापकों द्वारा दी गयी जानकारी एवं निरीक्षणों के अधार पर पाया गया कि फर्नीचर के तख्त टूट रहे हैं एवं बैल्डिंग टूट रही है। इस तरह शिकायतें डीएम योगेश कुमार शुक्ल के पास पहुंची। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को संज्ञान में लेकर विद्यालयों में मानक विहीन फर्नीचर का भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए थे, साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के उपरांत भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद भी कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने फर्नीचर का भुगतान कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश सिंह ने इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए कृष्णचन्द्र दुबे प्रधान अध्यापक पूर्वमाध्यमिक विद्यालय खांदी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की। जिस पर बीएसए ने उसे निलंबित कर दिया। ऐसे ही आरोपों में चैतन्य विलगैयां पूर्वमाध्यमिक विद्यालय चन्द्रापुर व शैलेष जैन पूर्वमाध्यमिक विद्यालय कडेसरा बांसी विकासखण्ड-तालबेहट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।