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मध्याह्न भोजन पर खतरा

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midday meai, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर।
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जनपद के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 90 हजार बच्चों के मध्याह्न भोजन पर खतरे की घंटी लटक रही है। ऐसा हो सकता है कि इन बच्चों को एक जुलाई से मध्याह्न भोजन मिलना बंद हो जाए, क्योंकि अभी तक इन बच्चों के आधार नामांकन नहीं हो सका है। शासन के सख्त निर्देश हैं कि बिना आधार नामांकन वाले बच्चों को एक जुलाई से मध्याह्न भोजन नहीं मिलेगा।
हाल ही में बीते 24 मई को बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने निर्देश जारी किए हैं कि 30 जून तक जिन बच्चों का आधार नामांकन नहीं होता है, उन बच्चों को एक जुलाई से मध्याह्न भोजन नहीं मिल सकेगा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से छह तक के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली योजना को बच्चों को सही तरीके से लाभ मिल सके, इसके लिए बच्चों को उनके आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। अभिभावक बच्चों का आधार कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं, इसलिए शासन ने विद्यालय में पढ़ने वाले जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं हैं, उनके आधार बनवाने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग सौंपी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों व समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यपक व शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह शासन से नामित एजेंसियों द्वारा विद्यालयों में कैंप आयोजित कर बच्चों के आधार कार्ड पंजीयन कराए जाए। इसके लिए 20 मई तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों की मनमानी के चलते 1.95 लाख बच्चों में से अभी तक 95 हजार से अधिक बच्चों के आधार पंजीकृत नहीं हो सके हैं। विगत 20 मई से परिषदीय विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश भी शुरू हो गए हैं, ऐसे में कार्य पूरी तरह से बाधित हो चुका है। अवकाश के चलते बचे हुए इतने बच्चों के आधार नामांकन हो पाना संभव नहीं है।      
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अभिभावकों को सौंप दी जिम्मेदारी      
आधार कार्ड पंजीयन कराने की कराने की जिम्मेदारी शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों को सौंपी थी, जो वह पूरा नहीं कर सके हैं। अपना पल्ला झाड़ने के लिए शिक्षकों ने अभिभावकों को जिम्मेदारी सौंप दी है कि वह 30 जून तक अपने बच्चों का आधार पंजीयन करा लें, वरना एक जुलाई से उनके बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिलेगा। बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर संचालित आधार कार्ड पंजीयन केंद्रों पर जा रहे हैं और रुपए देकर आधार पंजीयन करा रहे हैं।      

शिक्षक संगठनों को भी नहीं मतलब      
जनपद में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के दर्जनों संगठन संचालित हो रहे हैं और हर दूसरे दिन अपनी किसी मांग को लेकर ज्ञापन बाजी व प्रदर्शन करते रहते हैं। एजेंसी धारकों व विभागीय अधिकारियों के कारण 90 हजार से अधिक बच्चों को उनका हक यानी मध्याह्न भोजन नहीं मिल सकेगा। आधार नामांकन के लिए समस्त ब्लॉक संसाधन केंद्र के क्षेत्रीय विद्यालयों में कैंप लगाने का रोस्टर तैयार किया गया था, लेकिन एजेंसियों द्वारा इस कार्य में सहयोग नहीं किया गया है। ऐसे में अभी तक किसी भी संगठन ने मनमर्जी व लापरवाही कर रहे एजेंसियों के खिलाफ कोई ज्ञापन व शिकायत नहीं की है और न ही इस संबंध में कोई मांग की है।      
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एजेंसियों ने नहीं किया सहयोग      
आधार कार्ड बनाने के लिए नामित एजेंसियों द्वारा सहयोग नहीं किया गया है। इसकी सूचना डीएम को भी दे दी गई है। विभागीय स्तर पर प्रयास जारी है, 30 जून तक अधिक से अधिक आधार नामांकन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।      
- संतोष कुमार राय      
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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