ललितपुर। गरीबों के लिए बनाई गई कांशीराम आवासीय कालोनियों में सुविधाओं का हाल-बेहाल है। गोविंद नगर कालोनी में सात माह से पानी की एक मोटर खराब पड़ी है, जिससे ढाई सैकड़ा घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यही हाल सुरई घाट कालोनी का है।
मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में गरीबों के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर कालोनियों का निर्माण किया गया था। वर्तमान में नगर में सात कालोनियां बनी हैं, इनमें दो हजार से अधिक गरीब निवास कर रहे हैं। कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं के लिए पानी की टंकियां बनाई गईं तथा बोरिंग करके अथवा पाइप लाइन के माध्यम से पेयजलापूर्ति सुनिश्चित की गई। कचरा डालने के लिए कंटेनर रखे गए, लेकिन समय बीतने के बाद कालोनियों की ओर जिम्मेदारों ने ध्यान देना छोड़ दिया है। गोविंद नगर स्थित काशीराम आवासीय कालोनी में पिछले सात माह से पानी की टंकी भरने वाली एक मोटर खराब है, जिससे ऊपर की मंजिलों तक पानी नहीं चढ़ पा रहा है।
जल निगम के अभियांत्रिकी विभाग के अवर अभियंता को कालोनीवासियों ने कई बार शिकायती पत्र दिए, लेकिन मोटर को सुधरवाने का काम नहीं किया गया है। यही हाल सुरई घाट कालोनी का है। इसकी पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त है। जल निगम के अफसरों ने एक साल बीतने के बाद भी इस पाइप लाइन के लीकेज ठीक नहीं कराए हैं, जिससे गरीबों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोग दूर-दराज लगे हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर हैं। दोनों कालोनियों में पानी सुचारु करने की जिम्मेदारी जल निगम के पास है, लेकिन अफसर तो दूर ऑपरेटर भी समय से मोटर चालू नहीं करते हैं, इस कारण परेशानी चल रही है।
नारायणपुरा व खिरकापुरा में भी समस्या
कालोनियों में पानी पहुंचाने के लिए बोरिंग के साथ टंकियों का निर्माण किया गया। लेकिन, हैरानी की बात तो यह है कि इनमें अब तक पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है। नारायणपुरा के आधा सैकड़ा कालोनीवासी नीचे लगे हैंडपंप से पानी ढोने को मजबूर हैं। खिरकापुरा में भी यही हाल है। पार्षद प्रतिनिधि रमेश कुशवाहा की मानें तो कालोनी में सुविधाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। कई बार प्रार्थनापत्र देने के बाद भी सुध नहीं ली जाती है।