संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद के कुछ ऐसे दिव्यांग हैं जिन्हाेंने मुश्किलों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। अपनी मेहनत और लगन से इन दिव्यांगों ने आज जनपद ही नहीं देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। व्हीलचेयर क्रिकेट की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जिले के चार खिलाड़ियों ने चयनित होकर और एशिया कप जीतकर जनपद का नाम रोशन किया।
ललितपुर जिले के मडावरा तहसील के बमराना गांव के दिव्यांग ब्रजमोहन तिवारी बताते हैं कि उनकाे बचपन से ही खेलने का शौक था। लेकिन उन्हें प्लेटफार्म नहीं मिला। वर्तमान में वह सरकारी अध्यापक हैं, लेकिन उनके मन में एक बात सताती थी कि लोग दिव्यांगों को हीन भावना से देखते हैं। वह सम्मान उन्हें कैसे मिले। वर्ष 2015 में जानकारी हुई कि दिव्यांगों के लिए भी कोई खेल होते हैं। तब उन्होंने खेल में रुचि रखने वाले दिव्यांग साथियों के साथ मिलकर एक बास्केटबॉल खेलने के लिए टीम बनाई।
प्रतिदिन वह लोग बास्केटबॉल खेलने का कड़ा अभ्यास करने लगे। इसी वर्ष वह लोग द्वितीय नेशनल व्हीलचेयर बाक्सकेटबॉल चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए नई दिल्ली गए। यहां उन्होंने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। यह टीम का पहला अनुभव था। वापस लौटने पर सभी दिव्यांग खिलाड़ियों का हौसला और आत्मविश्वास बढ़ा कि वह भी कुछ करके दिखाएंगे।
इसके बाद वर्ष 2016 में टीम ने नेशनल लेवल की ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग की और नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया। इसमें जनपद के तीन खिलाड़ी बृजमोहन तिवारी, मुकेश योगी, हेमंत ग्वाला को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में चयनित किया गया। वर्ष 2017 में नेपाल में भारत, बंग्लादेश, नेपाल के बीच हुई प्रतियोगिता में भारत उपविजेता रहा।
बृजमोहन तिवारी ने बताया कि इस टीम के कप्तान वह थे। इसके बाद वर्ष 2018 में व्हीलचेयर क्रिकेट की जानकारी हुई तो उसमें भी उनके साथियों ने क्रिकेट की प्रैक्टिस की। 2019 के नेशनल चैंपियनशिप में व्हीलचेयर क्रिकेट में मुकेश योगी, बृजमोहन तिवारी व बबलू कुशवाहा शामिल हुए।
इसके बाद उनकी व्हीलचेयर की टीम को जिला प्रशासन की मदद मिली। जिससे वह लोग लगातार कड़ा अभ्यास करते रहे। जिसके बाद जनपद से बृजमोहन तिवारी, मुकेश योगी, मनोज कौशिक, नरेश कुमार व्हीलचेयर क्रिकेट की राष्ट्रीय टीम में शामिल हुए और एशिया कप खेला। जिसमें श्रीलंका, बंग्लादेश व नेपाल को हराकर भारत एशिया कप का विजेता बनी। बृजमोहन तिवारी बताते हैं कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलने के लिए दुबई जाना है। जिसकी तैयारी कर रहे है। दिव्यांगों की मेहनत देखकर जिला प्रशासन ने दी थी आधुनिक व्हीलचेयर जिले के दिव्यांगों की खेल के प्रति लगन और उनके अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने टीम के खिलाड़ियों को आधुनिक व्हीलचेयर दिलायी थी। साथ में उनका हौसला बढ़ाया था। बृजमोहन तिवारी बताते हैं कि वर्तमान में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने चार व्हीलचेयर टीम को दिलायी हैं और आगे भी मदद करने की बात कही है।