ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि जीवन में अच्छा सोचो और बुराइयों से दूर रहो तो आत्मिक शांति मिलेगी। जीवन में आत्मिक शांति की अनुभूति साधना में है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव की शाक्ति जीवन में जागृत करो। अपनी पीड़ा पर जब आंसू बहे तो नीर नहीं जहर है और जब दूसरों की पीड़ा में बहे तो वह मोती समान होते हैं।
मुनि श्री ने कहा कि व्यक्ति अच्छा सोचना चाहता है, लेकिन सोच नहीं पाता है। ऐसा ही व्यक्ति अच्छा बनना चाहता लेकिन उस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाता। धर्म जीवन में स्वच्छंदता को नकारता है। इससे पहले शनिवार को प्रात:काल मुनि श्री के सानिध्य में अभिनंदनोदय तीर्थ पर धर्मालुजनों ने अभिषेक शांतिधारा का पुर्ण्याजन किया। धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर श्रावक श्रेष्ठियों ने पुर्ण्याजन किया एवं मुनि श्री का पाद प्रक्षालन किया। संचालन महामंत्री डॉ.अक्षय टडैया ने किया।
पडगाहन का पुर्ण्याजन मिला
अभिनंदनोदय तीर्थ पर मुनि संघ का नवदा भक्तिपूर्वक पडगाहन हुआ जिसमें मुनि सुधा सागर महाराज को पडगाहन मीना, राजकुमार परिवार, मुनि पूज्य सागर महाराज को पडगाहन लालचंद परिवार, एलक धैर्य सागर को पडगाहन अमिताभ जैन परिवार, क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को पडगाहन सुरेंद्र जैन परिवार को मिला।
सुधा सागर महाराज का पिच्छिका परिवर्तन 29 को
निर्यापक श्रमण मुनि सुधा सागर महाराज एवं संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज का पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम 29 जनवरी रविवार को दिगंबर जैन पंचायत
के तत्वावधान में होना सुनिश्चित है। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि मुनि श्री के पिच्छिका परिवर्तन संयम महोत्सव के कार्यक्रम में मुनि भक्त श्रावक श्रेष्ठियों का समागम रहेगा और गौरवशाली संयमी श्रावकों को मुनि संघ की पुरानी पिच्छिका ग्रहण करने एवं नवीन पिच्छिका गुरूवर को समर्पित करने का पुर्ण्याजन मिलेगा।