संवाद न्यूज एजेंसी
बार। महाराष्ट्र के सोलापुर में बंधक बनाए गए मजदूरों ने वीडियो में बताया कि उन्हें खाना भी नहीं दिया जा रहा। यही नहीं मजदूरी मांगो तो पिटाई की जाती है। उनसे 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है।
मजदूर की परिजन गीता सहरिया ने बताया कि झांसी से मजदूरों को इंदौर में काम करने के बहाने से बस में बैठाया गया। लेकिन इंदौर न ले जाकर उन्हें महाराष्ट्र के सोलापुर ले जाया गया। उन्हें ले जा रहे वाहन को रात को चलाया जाता। दिन में किसी सुनसान इलाके में वाहन खड़ा करके खाना-पीना बनाने को कहा जाता था। मजदूरों को महाराष्ट्र पहुंचने में दस दिन का समय लगा। एसपी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र पर गांव प्रधान रमेश सहरिया, गीता सहरिया, किशन, किशना, रामदास सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।
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मजदूरों में महिलाएं भी
यायरल वीडियो में मजदूर काफी परेशान दिख रहे हैं। मजदूर सड़क किनारे अपने बच्चों और सामान सहित बैठे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि वह बंधक वाले स्थान से चौराहे पर भी आ गए है।