झांसी। हर तरफ हल्ला था कि अतीक की गाड़ी पलटेगी..पलटेगी। यूपी ही नहीं आसपास के राज्यों की भी निगाह अतीक के गुजरात से प्रयागराज तक के सफर पर लगी रही। हर कोई पल पल का अपडेट ले रहा था। लेकिन जैसे ही अतीक को लेकर जा रहीं पुलिस की गाड़ियां झांसी से 10 किलोमीटर पहले (शिवपुरी की तरफ) खराई गांव के पास पहुंची अचानक जिस पुलिस वैन में माफिया अतीक अहमद सवार था उसके आगे एक अन्ना पशु आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अन्ना पशु उछलकर दूर जाकर गिरा। गाड़ी भी लहरा गई। अगर चालक ने नियंत्रण न रखा होता कि गाड़ी पलट जाती।
राजस्थान के कोटा से होते हुए गैंगस्टर अतीक अहमद का काफिला भोर में करीब 5.56 मिनट पर शिवपुरी बार्डर के रास्ते शिवपुरी पहुंचा। काफिले में दो प्रिजन वैन समेत पुलिस की आठ गाड़ियां शामिल थीं। अतीक की सुरक्षा को तीस हथियारबंद पुलिसकर्मी साथ चल रहे थे। एक गाड़ी हूटर बजाती आगे चल रही थी। करीब 6.30 मिनट पर गाड़ी थाना तेंदुआ के खराई गांव के पास पहुंची। उसी समय एक अन्ना जानवर सड़क पार करते समय अतीक की प्रिजन वैन से जा टकराया। टक्कर होने के बाद अन्ना जानवर वहीं गिर पड़ा। जोरदार टक्कर से प्रिजन वैन दो मिनट के लिए लहरा गई। उसके लहराने से अंदर बैठा अतीक घबरा उठा। प्रिजन वैन में सवार सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक घबराए अतीक ने इसकी वजह पूछी। चंद मिनट के बाद जब गाड़ी आगे रवाना हुई तब जाकर उसे चैन आया। यहां से काफिला जोहरिया बार्डर के रास्ते 8.40 मिनट पर झांसी पहुंचा। रक्सा टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक रोक दिया गया। टोल प्लाजा से थोड़ा आगे सड़क पर ही ट्रक खराब हो गया। सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने किसी तरह इसे वहां से हटाया। यहां से अतीक का काफिला सीधे नंदनपुरा पहुंचा। इसके बाद सीपरी बाजार के ओवरब्रिज के रास्ते से करीब 9.12 मिनट पर झांसी पुलिस लाइन पहुंचा।
अतीक के काफिले के पुलिस लाइन के अंदर पहुंचते ही पुलिस ने गेट अंदर से बंद कर दिया। सीओ सिटी राजेश राय, कोतवाल तुलसी राम पांडेय, नवाबाद इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्र समेत भारी पुलिस बल बाहर तैनात कर दिया गया। किसी को भी भीतर जाने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस लाइन गेट के बाहर सैकड़ों मीडियाकर्मियों का हुजूम जुट गया। भारी भीड़ के होने से पूरा ट्रैफिक जाम हो गया। उधर से गुजरने वाले लोग भी खड़े होकर वीडियो बनाने लगे। काफिले के पीछे ही अतीक के परिवार के लोग भी एक कार में चल रहे थे। पुलिस लाइन में काफिला करीब 1.15 मिनट तक ठहरा रहा। काफिले मेंं शामिल पुलिस कर्मियों ने नाश्ता किया। कुछ देर आराम करने के बाद करीब 10.27 मिनट पर काफिला आगे रवाना हो गया। यहां से बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ के रास्ते से होता हुआ अतीक का काफिला जालौन के रास्ते प्रयागराज निकल गया।
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परिजनों ने कहा, डराता है मुख्यमंत्री का बयान
साबरमती जेल से ही अतीक अहमद के परिजन एक कार में पुलिस काफिले के पीछे-पीछे चल रहे थे। इनमें अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा, अतीक की बहन आयशा नूरी एवं उसकी बेटी शामिल थीं। उनके साथ वकील विजय मिश्रा भी था। अतीक की बहन ने मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान डर पैदा करता है। परिजनों का कहना है अतीक बीमार है। इस वजह से उसको सड़क मार्ग से नहीं लाया जाना चाहिए। उनका कहना है पुलिस ने रूट को गोपनीय बना रखा है। अतीक की एनकाउंटर करने की आशंका को भी उन्होंने सही माना।