ललितपुर। कांग्रेस पार्टी के प्रदेेशाध्यक्ष डा. निर्मल खत्री ने ललितपुर जिले के तालबेहट व बार के ग्रामों का भ्रमण कर सूखे से उपजे हालातों को देखा। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दोनों ही सरकारें किसानों को कोरे आश्वासन दे रही हैं, जिससे किसान पलायन को मजबूर हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड सूखे की विभीषिका से जूझ रहा है। कांग्रेस की विधायक डा. रीता बहुगुणा के बाद अब कांग्रेस प्रदेेेशाध्यक्ष डा. निर्मल खत्री ने ललितपुर जिले में दस्तक दी है।
शुक्रवार को उन्होंने ग्राम बांसी, गड़िया, बस्तगुवां, पुलवारा, बार, लड़वारी, टोड़ी, डुलावन, गदयाना, बिरारी व रजवारा का भ्रमण किया। दौरे से लौटकर आए प्रदेशाध्यक्ष डा. निर्मल खत्री ने बताया कि गांवों में पेयजल और रोजगार की स्थिति बेहद खराब पाई गई। क्षेत्रीय किसान व मजदूर विषम परिस्थितियों में पलायन को विवश हैं।
तमाम किसान दिल्ली, मुम्बई, इंदौर, भोपाल व गुजरात के शहरों में जा रहे हैं। सरकारों से किसान, मजदूरों को केवल झूठे आश्वासन मिल रहे हैं। उन्होंने किसान, मजदूरों की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया।
उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, पूर्व विधायक राजेश खैरा, सुरेंद्र तोमर, अनिल जैन सीमा, बिट्टू राजा, अमरपाल, वीरेंद्र राजा, तुलसीराम कुशवाह, ऊदल सिंह पटेल, राहुल किशोर, बंटी सरदार, रामस्वरूप देवलिया, सुनील खजुरिया, रमेश सहरिया, शत्रुघ्न पिसनारी आदि रहे।