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सड़क है न पानी, उपेक्षा का शिकार हो रही कांशीराम कालोनी

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ललितपुर। तत्कालीन बसपा सरकार ने निर्धन तबके के लोगों को कांशीराम कॉलोनी निर्माण कर आशियाना दिया था, लेकिन सत्ता जाते ही कॉलोनी उपेक्षा की शिकार हो गईं हैं। ऐसा ही हाल शहर के सुरईघाट स्थित कांशीराम कॉलोनी की बनी हुई है। यहां सड़क और पानी की काफी किल्लत है। बिजली की बदहाल हालत भी बनी हुई है। ऐसे में कॉलोनी के लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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सुरईघाट स्थित कांशीराम कॉलोनी निर्मित होने के बाद आवंटन के समय निर्धन तबके के लोगों में खुशी थी। समस्याओं से छुटकारा की उम्मीद थी, लेकिन बसपा सरकार के जाते ही कॉलोनियों में सुविधाओं की अनदेखी की गई। अब हाल यह है कि कॉलोनी की सड़क उखड़ने लगी है। कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों की निकासी में भी परेशानी हो रही है।
रात में पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। वहीं नालियां भी मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दूषित पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। कॉलोनी के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से समस्याओं के निस्तारण को गुहार लगाई, लेकिन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका है। इसको लेकर कॉलोनी के लोगों में रोष व्याप्त है।
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कॉलोनी में तीन माह से खराब पड़ा हैंडपंप
सुरईघाट स्थित कांशीराम कॉलोनी के निर्माण के दौरान पाइप लाइन डाली गई है। साथ ही टंकी का निर्माण किया गया है। लेकिन, वर्तमान में पेयजल आपूर्ति भी सुचारू रूप से नहीं हो रही है। टंकी भी शोपीस साबित हो रही है। कॉलोनी के तीनों हैंडपंप खराब हैं। ऐसे में कॉलोनी के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आधा किलोमीटर व एक किलोमीटर की दूरी से पानी लाना पड़ रहा है। इससे पेयजल सुविधाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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पांच में चार विद्युत ट्रांसफार्मर हैं खराब
विद्युत आपूर्ति की सुविधाओं के लिए पांच ट्रांसफार्मर रखे गए थे। इससे कॉलोनी में पर्याप्त मात्रा में विद्युत आपूर्ति हो रही थी, वर्ष बीतते गए और अब हाल यह है कि यहां पर पांच के सापेक्ष मात्र एक ट्रांसफार्मर ही सही है। चार खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में कॉलोनी वासियों को केबल डालकर बिजली मिल रही है। कई बार फॉल्ट हो जाते हैं। बिजली की भी किल्लत हो गई है। मांग के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा है।
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कॉलोनी में तीन हैंडपंप लगभग तीन माह से अधिक समय से खराब पड़े हुए हैं। इससे पानी की किल्लत हो रही है।
- साबिर
पानी की अधिक समस्या है। आधा किलोमीटर की दूरी पर लगे हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ रहा है। ऐसे में अधिक समय खराब होता है।
- उर्मिला
कॉलोनी में सफाई तो होती है, लेकिन ठीक तरह से न होने से नालियों में पानी जमा बना रहता है। इससे दुर्गंध उठती है।
- संजय
मोहल्ला में पेवर ब्रिक्स की सड़कें डाली हैं, लेकिन अब मरम्मत न होने से उखड़ने लगीं है। इससे बाइक निकासी में परेशानी होती है।
- जानकी
बिजली की सुविधा को पांच विद्युत ट्रांसफार्मर रखे गए हैं, पर कई माहों से चार ट्रांसफार्मर खराब पड़ हैं। इकलौते ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति होती है।
- पार्वती
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