ललितपुर। शहर में बने नगर पालिका परिषद के पुस्तकालय का बुरा हाल है। यहां न तो किताबें हैं और न ही फर्नीचर। इसके साथ ही जगह-जगह सीलिंग टूट गई और छत से पानी टपकता है। इसके चलते यहां पहुंच रहे पुस्तक प्रेमियों और युवाओं को मायूस होकर लौटना पड़ता है। नगर पालिका के अधिकारी भी इसे लेकर संजीदा नहीं हैं।
शहर में नगर पालिका ने पुस्तकालय बनवाया है। पहले यहां बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंचते थे, लेकिन समय के साथ यहां के हालात बिगड़ते गए। आलम यह है कि इस पुस्तकालय में न तो कंपटीशन बुक हैं और न हीं यहां बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर है। नतीजतन यहां आने वाले करीब 60 युवाओं में से 20 को वापस लौटना पड़ता है। हॉल में लगीं 36 एलईडी में 24 खराब पड़ी हैं। जबकि इनवर्टर भी ठीक न होने से बिजली जाते ही अंधेरा पसर जाता है। जिससे युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के लिए ठंडे पानी तक की सुविधा नहीं हैं। आरओ लगा, लेकिन ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं
पुस्तकालय का भवन भी जर्जर हालत में हो गया है। इसके सभी कक्षों के छतों से पानी टपक रहा है। ऐसे में युवाओं बारिश में बैठने पर दिक्कत हो जाती है। इसके अलावा कक्षों में लगी सीलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जो कभी भी गिर सकती है। इसका कुछ भाग गिर भी गया है। इससे आधे कक्ष में अंधेरा पसरा हुआ है।
पुस्तकालय में प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। एलईडी लाइटें खराब होने से पूरे दिन अंधेरा पसरा रहता है।- भरत
पानी की सुविधा की गई है, लेकिन वाटर कूलर न होने से ठंडा पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है।- सत्यम यादव
कुर्सियों की अधिक कमी है। कुछ देर से आने वाले युवाओं को कुर्सियां नहीं मिल पातीं है। ऐसे में वापस होना पड़ता है।- हरगोविंद
कक्ष में लगी एलईडी लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कम लाइटें जलने से कम प्रकाश मिलता है। इससे पढाई में दिक्कत होती है।- सोनम
शौचालयों में पाइप खराब पड़े हुए हैं। पानी बर्बाद हो रहा है। इससे कई बार मोटर चलाना पड़ती है, तब पीने को पानी मिलता है।- अमित कुमार साहू
नगर पालिका के पुस्तकालय को सेंट्रल लाइब्रेरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये मरम्मत के लिए मिलेगा। इसके लिए ऑल इंडिया लाइब्रेरी के डायरेक्टर अजय प्रताप सिंह से संपर्क किया गया है। जल्द ही यहां पर डेढ़ हजार पुस्तकें मिलेंगीं।- निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद