संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी द्वारा फर्म बनाकर सामग्री सप्लाई करने के मामले में विभाग घिरता नजर आ रहा है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है।
सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से लंबे समय से एक ही फर्म द्वारा सामग्री की खरीद कर सप्लाई की जा रही है। आरोप है कि एक संविदा कर्मी अपने परिजनों व नजदीकी लोगों के नाम से फर्म बनाए हुए है। ऐसे ही एक कंपनी के स्वास्थ्य विभाग में सामग्री सप्लाई के बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें पंफलेट प्रिंटिंग और अन्य सामग्री के बिल हैं। दो बिल एक ही सामग्री के हैं, जिसमें एक की राशि 1.54 लाख रुपये हैं तो दूसरे बिल की राशि 68 हजार रुपये है। दोनों बिल एक ही तिथि के हैं। एक ही फर्म द्वारा दोनों सामग्रियों की खरीद की गई है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि किसी भी विभाग में कार्यरत कर्मचारी अपने रक्त संबंधी लोगों के नाम पर किसी तरह का लाभ नहीं ले सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी द्वारा रक्त संबंधी लोगों के नाम पर फर्म बनाकर सामग्री की खरीद करने के मामले में सीएमओ से रिपोर्ट तलब की है।
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स्वास्थ्य विभाग में सामग्री की खरीद में किसी तरह से गलत नहीं किया गया है। जब संविदा पर कार्यरत चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर सकता है, तो संविदा कर्मी फर्म बनाकर सामग्री की खरीद कर सकता है।-डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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वित्तीय नियमों के अंतर्गत विभाग में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी किसी भी तरह से लाभ नहीं ले सकता है। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी द्वारा फर्म बनाकर सामग्री खरीद कर सप्लाई करने का मामला संज्ञान में आया है। सीएमओ से रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
- अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी