ललितपुर। शहर के मोहल्ला घुसयाना स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड परिसर में यात्रियों को बैठने के लिए एक भी बैंच तक स्थापित नहीं हैं। यही नहीं धूप व बारिश से बचाव को टिनशेड तक नहीं हैं। ऐसे में बच्चों को लिए महिला यात्री व बुजुर्गों को परेशानी होती है। परेशान होकर जमीन तक पर बैठ जाते हैं। यहीं नहीं प्याऊ व शौचालय तक अतिक्रमण में गुम हो गए हैं। परिसर में टिनशेड न होने से महिलाओं व बुजुर्गों को अधिक परेशानी बनी हुई है। ऐसे में दुकानों के पास शरण लिए यात्रियों को भी दुकानदार कुछ देर बाद जाने के लिए कह देते हैं।
बस-स्टैंड पर सुविधाएं ही नहीं सफाई व्यवस्था तक दुरुस्त नहीं है। हालत यह है कि हैंडपंप का पानी खुले में बह रहा है। साथ ही जगह-जगह पॉलीथिन उड़ रहीं हैं। वहीं पेयजल की सुविधा के पीछे अधिक मात्रा में गंदगी व कीचड़ है। वहीं यही हाल शौचालय के पास से निकली नाली से दुर्गंध उठ रही है। आस-पास में पड़ी गंदगी से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
अतिक्रमण में गुम है प्याऊ व शौचालय
बस स्टेंड पर एक ओर प्याऊ स्थापित है। इसके आगे खड़ी बसें व बसों के पीछे लगी दुकानों से प्याऊ ढक गई है। इस तक पहुंचना मुश्किल है व आधे नल तक गायब हो गए हैं।। किसी तरह पहुंच गए तो प्याऊ के अंदर पड़ी गंदगी देखकर बिना पानी पिए ही वापस आ जाते हैं। वहीं पहला शौचालय भी खोखों से गायब हो गया है। जानकारी के अभाव में सीमित लोग ही पहुंच पाते हैं। महिलाओं को अधिक परेशानी बनी हुई है। वहीं सोलर लाइट का खंभा तिरछा हो गया है, इसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है।
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दिव्यांग शौचालय में लटक रहे ताले
बस स्टैंड परिसर में दिव्यांगों की सुविधा को शौचालय बना हुआ है। लेकिन वर्तमान में यहां ताला लटक रहे हैं। ऐसे में दिव्यांगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। अब यहां पहुंचने वाले दिव्यांग इसे बंद देखकर मायूस होकर वापस हो रहे हैं। वहीं पीछे स्थित मूत्रालय गंदगी की भेंट चढ़ गया है। आगे अधिक कचरा होने से अब लोगों ने जाना ही बंद कर दिया है।
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पटरी से उतरी बसों का अड्ढा बना बस स्टेंड
बस स्टेंड का आधा परिसर पटरी से उतरी बसों से ही भरा पड़ा हुआ है। इससे बसों को खड़े होने के लिए स्थान तक नहीं बचा हुआ है। यही कारण है कि आधे स्थान पर उल्टी सीधी बसें खड़ी हो रहीं हैं। इससे यात्रियों को कई रूट की बसें नजर तक नहीं आती हैं। ऐसे में यात्री भटकते रहते हैं। वहीं रोडवेज बसों के खड़े होने के निर्धारित स्थान पर भी निजी बस संचालकों ने कब्जा जमा लिया है। वहीं टैक्सी भी बीच में घुस रहीं हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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बस स्टैंड परिसर में खड़ी बसों को हटवाया जाएगा। परिसर व रास्ता से अतिक्रमण हटाया जाएगा। यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद