जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ देवगढ़ के जैन मंदिरों एवं दशावतार मंदिर समेत अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में लोग आसानी से जान सकेंगे। दरअसल शुक्रवार को जनपद पहुंचे प्रदेश के एडिशनल डीजीपी ने यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में शोध कर इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित किया है। इसे ऑनलाइन पढ़ा और देखा जा सकता है।
प्रकाशित शोधपत्र में देवगढ़ की कला, ऐतिहासिकता, पुरातत्व संपदा एवं प्रकृति के नए तथ्यों एवं संदर्भों को व्यापक रूप से समेटने का प्रयास किया है। कड़ी मेहनत एवं सूक्ष्म विश्लेषण ने देवगढ़ के अनछुए तथ्यों को नये सिरे से परिभाषित किया है। यह शोध पत्र विधार्थियों, इतिहासकारों एवं धर्मावलम्बियों के लिये उपयोगी साबित होगा। पर्यटन के लिए काम कर रही इंटेक संस्था के सदस्यों से मिलने पहुंचे प्रदेश के एडीशनल डीजीपी विजय कुमार ने बताया कि आनॅलाइन जर्नल के जरिए विश्वभर में लोगों के बीच देवगढ़ की कला पहुंचेगी।
इसे http://www.ijarch.org/ वेबसाइट पर पढ़ा और देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि देवगढ़ की प्राचीन मूर्तियों, बुद्ध गुफा, नाहर घाटी, राजघाटी, दशावतार मंदिर के संरक्षण पर जोर दिया जाना जरूरी है। धरोहर स्थलों को आनॅलाईन एवं लिपिबद्ध करने की जरूरत भी बताई। शोधपत्र के प्रकाशन में मुरारीलाल जैन, इंटेक संयोजक संतोष शर्मा, पर्यटन मित्र फिरोज इकबाल के सहयोग पर आभार जताया।