संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के प्रमुख शहजाद बांध का जल भराव का दायरा यानी डूब क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। नए भराव क्षेत्र से प्रभावित होने वाली भूमि का सर्वे सिंचाई विभाग की ओर से राजस्व विभाग से कराया जाना शुरू कर दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाएगी। इसके स्वीकृत होने के बाद अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बांध के भराव क्षेत्र का दायरा बढ़ जाने से मानसून सीजन में बांध में अधिक पानी भंडारित होने लगेगा और जलस्तर भी करीब 70 से 80 सेंटीमीटर तक बढ़ जाएगा। इसका लाभ सिंचाई सहित पेयजल परियोजना से जुड़े लोगों को मिलने लगेगा।
तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद नदी पर बना बांध करीब 50 साल पुराना है। बांध में 13 करोड़ घन मीटर पानी भंडारण की क्षमता है। यह बांध इस क्षेत्र के लोगों को सिंचाई व पेयजल के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे करीब 14,403 हेक्टेयर भूमि सींची जाती है। निर्माणाधीन स्पि्रंकलर योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक स्प्रिंकलर परियोजना से ऐसे क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा दी जानी है, जहां पर इस बांध से निकली नहरों का संचालन नहीं हो रहा है।
वहीं बांध पर जल जीवन मिशन के तहत बदनपुर पाइप पेयजल परियोजना सहित बांसी-मथुरा पाइप पेयजल परियोजना भी संचालित है। जल भराव के बढ़ने से करीब 60-70 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से राजस्व विभाग से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद शासन स्तर रिपोर्ट भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रकिया अपनाई जाएगी।
हर घर जल नल योजना के लिए 2.10 एमसीएम प्रतिवर्ष लिया जाएगा
नमामि गंगे योजना के तहत चल रही हर घर जल नल पाइप पेयजल परियोजना में जनपद के अधिकांश बांधों को भी शामिल किया गया है। इसमें शहजादा बांध भी शामिल है। हर घर जल नल योजना के लिए शहजाद बांध से 2.10 एमसीएम पानी प्रतिवर्ष लिया जाएगा। पानी लेने के एवज में शासन द्वारा निर्धारित की गई दर 12.48 रुपये प्रति हजार घन फीट के हिसाब से रुपया सिंचाई विभाग को मिलेगा। बांध पर बदनपुर पाइप पेयजल परियोजना बनाई गई है। इसके तहत 30 गांवों के करीब 40 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसका कार्य अंतिम चरणों में है।
शहजाद बांध का जल भराव का दायरा बढाए जाने के लिए राजस्व विभाग से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट को शासन में प्रेषित किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड