ललितपुर। ललितपुर के किसानों को फसल सिंचाई के लिए अब पानी के संकट से जूझना नहीं पड़ेगा। रबी फसल के सीजन में कचनौंदा बांध किसानों की इस समस्या को दूर कर देगा। सिंचाई विभाग ने 16 साल बाद दिसंबर 2023 तक इस बांध का निर्माण पूरा करके पानी छोड़ने की तैयारी कर ली है। इसके जरिए 7850 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाएगी। मौजूदा समय में यहां नहर का निर्माण चल रहा है।
तहसील महरौनी के अंतर्गत गांव कचनौंदा से होकर निकली सजनाम नदी पर 174.95 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2007 में कचनौंदा बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस परियोजना में 1903 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आई। साथ ही चार गांव के करीब साढ़े तीन हजार लोग प्रभावित हुए।
कचनौंदा बांध का पूर्ण जलस्तर 341.70 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 334.75 है। जबकि बांध का जल ग्रहण क्षेत्र 648.30 वर्ग किमी, ऊंचाई करीब 16 मीटर है और लंबाई करीब 4.10 किलोमीटर है। बांध से रबी सीजन में 7850 हेक्टेयर और खरीफ में 3 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई करना प्रस्तावित है। साथ ही बांध के गेट आधुनिक तरीके से बनाए गए हैं, जिनको लखनऊ से भी खोला बंद किया जा सकता है। साथ ही यहां हेलीपैड का निर्माण भी किया गया है।
2007 से बन रहे इस बांध का निर्माण पूरा होने में 16 साल का लंबा वक्त लगा है। कुछ महीने पहले बांध में पानी भरना शुरू किया जा चुका है और मानसून में बांध के गेट खोलकर पानी निकासी भी की जाने लगी, लेकिन किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा था। अब सिंचाई विभाग ने बांध परियोजना को दिसंबर माह तक पूूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नहरों के निर्माण का कार्य तेजी से करवाना शुरू कर दिया है। विभाग की योजना है कि वर्ष 2024 में रबी के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाए।
24 किलोमीटर लंबी नहर बनाई जा रही
कचनौंदा बांध से किसानों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने को दो नहरों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें बाईं नहर की लंबाई 15.4 और दाहिनी नहर की लंबाई 8.4 किलोमीटर है।
62 गांव में पहुंचेगा पानी
नमामि गंगे योजना के तहत हर घर जल नल योजना के लिए बांध पर 174.22 करोड़ की लागत से कचनौंदा कलां पाइप पेयजल योजना बनाई जा रही है। इसका कार्य जून 2020 में शुरू हुआ था। इसके तहत 62 गांव में 418.74 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है। जिसमें 25504 नल संयोजन किए जाएंगे। इससे 145324 लोग लाभान्वित होंगे।
कचनौंदा बांध परियोजना को दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। यहां नहरों का निर्माण और पुनर्वास का बचा हुआ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रबी के सीजन में बांध से किसानों की फसलों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने लगेगा। - शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी