अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय प्रबंध समिति की बुधवार को हुई बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए सर्व सम्मति से नगर पालिका हद बाहर भूमि पर कन्या महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। इसके साथ छात्रवृत्ति फार्म अग्रसारित न करने पर जांच कराने का निर्णय लिया गया।
महाविद्यालय के संस्कृत सभागार में आयोजित बैठक में प्रबंधक प्रदीप चौबे ने कहा कि महाविद्यालय की नगर पालिका हद बाहर जो भूमि पड़ी है, वह चारों ओर से असुरक्षित है। इस भूमि को सुरक्षित करने हेतु बाउंड्रीवाल बनवाया जाना आवश्यक है। सर्वसम्मति से उक्त भूमि पर बाउंड्रीवाल बनवाने का निर्णय लिया गया। महाविद्यालय में सत्र 2023-24 में बीए प्रथम सेमेस्टर हेतु 3700 छात्र/छात्राओं ने आवेदन किया। विश्वविद्यालय द्वारा 720 सीटें निर्धारित किए जाने पर लगभग 3000 छात्र/छात्राएं प्रवेश से वंचित रह गए, ऐसी स्थिति में एक कन्या महाविद्यालय की स्थापना की आवश्यकता है।
महाविद्यालय में सत्र 2023-24 में विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं में लगभग 3000 ने छात्रवृत्ति आवेदन पत्र जमा किए, जिसमें 1497 के छात्रवृत्ति फार्म अग्रसारित न किए जाने पर प्रबंध समिति ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की, जो लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध जांच कर रिपोर्ट देगी।
महाविद्यालय में आंतरिक अनुशासन, प्रबंधन एवं व्यवस्था के संबंध में भी उक्त समिति जांचकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष शरद खैरा ने कहा कि बुंदेलखंड परिक्षेत्र में यह प्रतिष्ठित महाविद्यालय है। इसकी छवि धूमिल करने वालों को चिन्हित किया जाएगा। प्रबंध समिति उपाध्यक्ष विलास पटैरिया ने कहा कि शिक्षकों व कर्मचारियों में कार्य के प्रति दक्षता एवं अनुशासन आवश्यक है। महाविद्यालय के हितों के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उप प्रबंधक हरदयाल सिंह लोधी ने कहा कि प्रबंध समिति का प्रमुख दायित्व युवाओं को संस्कारयुक्त, ज्ञानपूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
बैठक में वरिष्ठ सदस्य अशोक गोस्वामी, आदित्य नारायण बबेले, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, हरीराम निरंजन, बब्बूराजा बुन्देला, प्राचार्य राकेश नारायण द्विवेदी, महेश श्रीवास्तव, डाॅ. वर्षा साहू आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन डाॅ. ओमप्रकाश शास्त्री ने किया।