संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/डोंगराखुर्द। स्वास्थ्य सेवाएं कागजों में भले ही दौड़ती नजर आ रही हैं, लेकिन धरातल पर दम तोड़ रही हैं। ऐसा ही हाल ब्लाॅक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम गौना स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। अस्पताल मुख्य मार्ग पर होने के बाद भी यहां चिकित्सक नजर नहीं आते। फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मी भी लापरवाह बने हैं।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण वर्ष 1953 में किया गया था। शुरुआत में अस्पताल में स्टाफ नियुक्त होने पर सुविधाएं मिलीं। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को लाभ मिला, लेकिन अब अस्पताल जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्हें बिरधा सीएचसी या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
बुधवार दोपहर डेढ़ बजे अमर उजाला की टीम ने अस्पताल की हकीकत जानी। अस्पताल में चिकित्सक मौजूद नहीं मिले, जबकि ओपीडी सूनी पड़ी थी। यहां फार्मासिस्ट का काउंटर भी खाली नजर आया। स्टाफ नर्स व लैब टेक्नीशियन भी नदारद मिले। स्वीपर तक नहीं दिखे। केवल एक वार्डबॉय दिखाई दिया, जो मरीजों को दवाइयां वितरित कर रहा था। ऐसे में अस्पताल में मिलने वाले इलाज की हकीकत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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पैथोलॉजी पर लटक रहा ताला
अस्पतालों में मर्ज की जांच के लिए पैथोलॉजी स्थापित की गई हैं, लेकिन यहां पैथोलाॅजी में ताला लटका है। इसके चलते मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
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अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला
अस्पताल में पेयजल सुविधा के लिए चार हैंडपंप लगाए गए, लेकिन चारों हैंडपंप खराब पड़े हैं। ऐसे में पानी की किल्लत बनी हुई है। बाहर अस्पताल के सामने बड़ी घास उगी हुई है। वहीं परिसर में शराब के पाउच पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही अस्पताल में अराजक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है।
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नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौना में चिकित्सक टीकाकरण की जांच करने गए होंगे। अन्य स्टाफ के न होने की जानकारी हुई है। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ