ललितपुर। मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में अब जल्द ही जलभराव की समस्या दूर होगी। लगभग चार करोड़ की लागत से मरम्मत समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें परिसर में छतों समेत अन्य वार्डों में लगे क्षतिग्रस्त पाइप बदलकर नए लगाए जा रहे हैं। वहीं, चोक और बंद नालियाें की जगह नई का निर्माण कराया जा रहा है।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के पुराने भवन (जिला अस्पताल) में जगह-जगह जलभराव की समस्या है। बारिश में मुख्य द्वार से लेकर पुलिस चौकी तक जलभराव हो जाता है। वहीं, इमरजेंसी के आगे और गेट नंबर दो के ठीक सामने अधिक मात्रा में जलभराव रहता है। एक बार बारिश होने के बाद दस दिन तक पानी जमा बना रहता है। वहीं, पैथोलॉजी द्वार के बाहर नालियां चोक, क्षतिग्रस्त होने से पानी की निकासी बंद हो गई है। इससे गंदा पानी परिसर के बाहर जमा हो रहा है। साथ ही एसएनसीयू के सामने महिला अस्पताल परिसर में नालियां चोक होने से दुर्गंध उठ रही है। समस्या को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नवीनीकरण कार्य के साथ लगभग चार करोड़ की लागत से नालियाें और क्षतिग्रस्त पाइपों समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। डेंगू वार्ड के ऊपर से टूटे पाइप और खुली सीवर लाइन की नाली से उठ रही दुर्गंध से निकलना दुश्वार हो गया था। इसके पाइपों को बदल दिया गया है।
बारिश में जलभराव की समस्या हो जाती है। बाहर से लेकर परिसर में कई जगह दिक्कत है। पाइप भी क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी गिर रहा है। नालियां भी क्षतिग्रस्त होने से निकासी नहीं हो पा रही है। इसके लिए कार्य कराए जा रहे हैं। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। - डॉ. डीनाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर।