जिले के प्रत्येक ब्लाक संसाधन केंद्र में प्रशिक्षुओं को तीन माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका एक बैच जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में चल रहा है। बीते दिनों डायट प्राचार्य कीर्ति शुक्ला ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों की प्रतिदिन हाजिरी जानने के उद्देश्य से खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा था। तालबेहट ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी को छोड़ अन्य किसी बीईओ ने पत्र को अहमियत नहीं दी। इस स्थिति में डायट प्राचार्य प्रशिक्षण की हकीकत से परिचित नहीं हो पा रही हैं। वर्तमान में वह वाहन के अभाव में बेसिक शिक्षा अफसरों की सूचना पर ही निर्भर होकर रह गई हैं। उनका वाहन न केवल खराब हो गया है, बल्कि डीजल की समस्या से भी जूझ रही हैं। कमोवेश यही स्थिति जिला समन्वयक की है, उनके पास भी कोई वाहन नहीं है। इन स्थितियों में बीएसए ही प्रशिक्षणों का अनुश्रवण कर पा रहे हैं, जिन दिनों में बीएसए जनपद से बाहर होते हैं, उन दिनों में प्रशिक्षण में मनमानी शुरू हो जाती है।