अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि हर दीदी लखपति दीदी बने और आगे बढ़कर देश को संभाले। यदि ललितपुर को सशक्त बनाना है तो सबसे पहले हमें दीदियों को सशक्त बनाकर उन्हें आगे बढ़ाना होगा। जब ललितपुर सशक्त होगा तो प्रदेश और राष्ट्र आगे बढ़ेगा। वह बृहस्पतिवार को ‘मिशन दुग्ध शक्ति-ललितपुर’ के शुभारंभ पर बोल रहे थे।
सांसद ने कहा कि ललितपुर में झांसी से कही ज्यादा दुग्ध उत्पादन की क्षमता है, स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को भी इसी तर्ज पर कार्य करना है।उन्होंने बताया कि बांसी में बलिनी द्वारा डेढ़ लाख लीटर की क्षमता की फैक्टरी तैयार की जा रही है, जिसमें जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, इसके अलावा जिला प्रशासन ने एक और नई पहल शुरू की है, जिसके तहत सरस भवन के प्रांगण को स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए चौपाटी बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल जनपद में आर्थिक समृद्धि का सबसे प्रभावी माध्यम स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका है। इस कार्यक्रम में ब्लॉक जखौरा के ग्राम बसवां के 21 परिवारों को बैंक वित्तपोषण के माध्यम से उन्नत नस्ल की भैंसें उपलब्ध कराई गईं।
अतिथियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम को राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश चंद्र रावत ने भी संबोधित किया। इस मौके पर नगर पालिकाध्यक्षा सोनाली जैन, पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक, सीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी एनआरएलएम रमेश कुमार यादव, सीईओ बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के ओपी सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल आदि उपस्थित रहे।
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10 हजार रुपये तक होगी लाभार्थी परिवार की मासिक आय
डीएम ने बताया कि लाभार्थी परिवार की मासिक आय में लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही परिवारों को शुद्ध दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे, जिससे पोषण स्तर एवं स्वास्थ्य में सुधार आएगा। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए जनपद में एफएओ एवं आईजीएफआरआई के सहयोग से वैज्ञानिक चारा विकास कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। जिन परिवारों के पास पशुशाला की सुविधा नहीं है, उनके लिए पशु शेड निर्माण, पशुओं के उपचार एवं बीमा जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे पशुपालन को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाया जा सके।
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