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बढ़वार में पुल की दरकार, ग्रामीण हैं परेशान

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मड़ावरा की ग्राम पंचायत बड़वार का टूटा पड़ा रपटा - फोटो : LALITPUR
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मड़ावरा। सरकार गांव को शहरों से जोड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च कर विकास का दावा करती है। परंतु, कई गांव ऐसे हैं, जो विकास की बाट जोह रहे हैं। इन्हीं में से एक गांव है ब्लाक मड़ावरा का बड़वार। इस गांव में आने-जाने के लिए रपटा टूटा पड़ा है। इससे लोगों को असुविधा होती है।
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ब्लॉक मड़ावरा की ग्राम पंचायत बढ़वार और आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों का ब्लाक से संपर्क नहीं जुड़ पाया है। यहां के ग्रामीणों को बरसात के सीजन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि चार महीने तक आवागमन ठप रहता है। या यूं कहें कि गांवों का संपर्क ब्लाक कार्यालय से टूट जाता है। बच्चों का शैक्षणिक कार्य भी बंद हो जाता है। इससे बच्चों का शैक्षणिक विकास रुक जाता है।
गांव का रपटा इसमें मुख्य समस्या है। रपटा जमीन से सटा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती है। गर्मियों में भी इसमें पानी बहता रहता है। यहां से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों को इस चक्कर में कस्बा गिरार का चक्कर लगाकर मड़ावरा जाना पड़ता है।
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बरसात में चार महीनों तक स्कूल नहीं जा पाते हैं। पढ़ाई बाधित हो जाती है। पुल का निर्माण होना बहुत जरूरी है, ताकि आवागमन बाधित न हो।
- दीक्षा राजपूत
प्रसव कराने की सबसे बड़ी समस्या हो जाती है, जब रपटा पर पानी बहता है। बड़ी मुश्किल से चारपाई पर गर्भवती को लिटाकर ले जाते हैं। घटना होने का डर बना रहता है। पुल बन जाए तो समस्या हल हो जाएगी।
- सुशीला बाई
पुल नहीं बनने के कारण दो पहिया वाहन अक्सर पानी में बह जाते हैं। गांव के लोगो को बड़ी मुसीबत का सामान करना पड़ता है।
- नन्ने भाई प्रजापति
गांव के विकास के लिए रपटा या पुल बनना चाहिए। समस्या के समाधान के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को लिखित में अवगत कराया गया है, लेकिन केवल आश्वासन मिला है।
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- राजाराम सिंह, ग्राम प्रधान बढ़वार
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