- बिना बताए अवकाश पर रहने व अभद्रतापूर्ण व्यवहार के लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका अध्यक्ष और पालिका में कार्यरत राजस्व निरीक्षक के बीच तकरार ज्यादा बढ़ गई है। जिलाधिकारी से अध्यक्ष और उनके परिवार पर अभद्रता कर कार्यालय से बाहर करने के आरोप लगाने के बाद अब नगर पालिका अध्यक्ष ने राजस्व निरीक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसका स्थानांतरण अन्यत्र करने के लिए नगर निकाय निदेशालय लखनऊ को पत्र लिख दिया है। इससे अब पालिकाध्यक्ष व राजस्व निरीक्षक के बीच विवादों की खाई और गहरा गई है।
नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन ने बीते 17 फरवरी को नगर निकाय निदेशालय लखनऊ को लिखे पत्र में बताया कि सीमा कुशवाहा की प्रथम नियुक्ति इस निकाय में 30 जून 2017 को राजस्व निरीक्षक के पद पर की गई थी, जो आज तक इस निकाय में कार्यरत हैं। इस निकाय में उन्हें राजस्व की वसूली के लिए तैनात किया गया है। आरोप लगाया कि इनके द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष वसूली का कार्य नहीं किया जा रहा है, बिना सूचना/अवकाश प्रार्थनापत्र स्वीकृत कराए अवकाश पर चली जाती है। द्वितीय शनिवार अथवा अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में बिना सूचना मुख्यालय से बाहर चले जाना एवं समय से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित न होकर अगले कार्य दिवस में उपस्थित होना एवं अनुपस्थित अवधि का प्रार्थनापत्र अवकाश का उपभोग करने के उपरांत प्रस्तुत करना, इनकी आदत में शामिल है।
25 व 26 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश के बाद 27 जनवरी से कार्यालय में अपनी ड्यूटी पर बिना अवकाश प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किए आज तक अनुपस्थित चल रहे हैं। 17 फरवरी को पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया गया, इनके न हस्ताक्षर पाए गए और न अपने पटल पर उपस्थित मिली। लगभग एक घंटे बाद अपने कक्ष में जब इनसे इनकी अनुपस्थिति के संबंध में पूछा गया, तो इन्होंने अभद्रतापूर्वक आचरण किया। जब इन्हें कक्ष से बाहर जाने को कहा गया तो इन्होंने 8-9 वर्ष से इस निकाय में तैनात होने व उनको (चेयरमैन) मात्र 3-4 महीने कार्यकाल होने की बात कहते हुए पुनः अभद्रता की। उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होने व महिलाकर्मी होने के कारण यह अपनी मनमर्जी से कार्य करती हैं, इनका कार्य, व्यवहार एवं आचरण पालिका के हित में नहीं है। इसके चलते नगर पालिका अध्यक्ष ने नगर निकाय निदेशालय लखनऊ से राजस्व निरीक्षक सीमा कुशवाहा की पालिका विरोधी गतिविधियों के दृष्टिगत उन्हें इस निकाय से तत्काल स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने प्रमुख सचिव को भी यह पत्र प्रेषित किया है।