फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नहीं खुल रहे ताले, गंदगी भी पसरी

विज्ञापन
विज्ञापन
- ग्रामीणों को नहीं मिल रहा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी-सिलावन। सरकार ने उपस्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर तो बना दिए, लेकिन विभाग के उदासीन रवैये के चलते ज्यादातर आरोग्य मंदिरों के ताले तक नहीं खुल रहे हैं। इससे सरकार की मंशा अनुरूप लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है।
विकासखंड महरौनी की बात करें तो यहां ग्यारह उपस्वास्थ्य केंद्र उच्चीकृत कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए है, जिसमें ग्रामीणों के लिए सामान्य टेस्ट के साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच की व्यवस्था की गई है। ओपीडी एवं टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सक से परामर्श की सुविधा के साथ गर्भवती एवं नवजात की देखभाल की भी व्यवस्था है। इसके अलावा परिवार नियोजन एवं अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग आदि सेवाएं दी जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक आरोग्य मंदिर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है। हकीकत में इन आरोग्य मंदिरों की स्थिति बेहद खराब है।
विज्ञापन

-
फोटो- 44
दृश्य-एक
आयुष्मान आरोग्य मंदिर छपरट के नहीं खुले ताले, पसरी गंदगी
दोपहर 12ः23 बजे ग्राम पंचायत छपरट के गगनियां गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ताला लटका हुआ था। केंद्र पर गंदगी पसरी हुई थी। इसे देख ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आरोग्य मंदिर के ताले काफी समय से नहीं खुले। आस-पास मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र के नहीं खुलने से उन्हें सीएचसी या फिर जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता हैं। महिला और बुजुर्ग मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

-
फोटो- 45
दृश्य-दो
पठा में लटका था ताला, खिड़िकियों के शीशे भी थे टूटे
दोपहर 12ः41 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र पठा पर ताला लटका हुआ था। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि कभी कभार ही केंद्र के ताले खुलते हैं। केंद्र पर जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वो भी नहीं मिलती हैं। विभागीय अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी जाती हैं, किंतु कोई ध्यान नहीं देता है।
0000000000
जन आरोग्य सेंटर पर ताले लगे होने की जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।-सुंदर सिंह, चिकित्साधीक्षक सीएचसी महरौनी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें