संवाद न्यूज एजेंसी
कड़ेसराकलां / तालबेहट। विकास खंड अंतर्गत ग्राम कड़ेसराकलां का पुस्तकालय उपेक्षा के दंश के चलते जर्जर हालत में है। पुस्तकालय पर दबंगों का कब्जा है। पुस्तकालय में कुछ समय से पुस्तकों की जगह कंडा और भूसा भरा है।
किताबें पढ़ने के शौकीन लोगों के लिए ग्राम पंचायत द्वारा गांव के मुख्य स्थान पर पुस्तकालय भवन का निर्माण कराया गया था। यहां पहले काफी संख्या में ग्रामीण जाते थे। धीरे-धीरे यहां किताबों की संख्या कम होने और प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह उपेक्षा का शिकार हो गया। वर्तमान में पुस्तकालय काफी दयनीय स्थिति में है। जहां कभी किताबें रखी जाती थीं, आज उसमें गोबर के कंडे और भूसा भरा हुआ है। बाहर गोबर के ढेर लगे हुए हैं और जानवर बंधे हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार इसकी जानकारी जिम्मेदारों सहित उच्चाधिकारियों को दी गई, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि आज भी ग्राम पंचायत के कई पुराने भवनों पर दबंगों का कब्जा है।
वर्जन
गांव में पुस्तकालय बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पुराना पुस्तकालय भवन काफी जर्जर हालत में है। शीध्र ही गांव में नया पुस्तकालय बनवाया जाएगा।
-ज्ञान सिंह यादव, ग्राम प्रधान