संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जमरार बांध से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लिए पानी देने का मामला अब सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता झांसी तक पहुंच गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि बांध से पानी छोड़े जाने की अनुमति अब जल्द ही मिल जाएगी। उधर, टीकमगढ़ प्रशासन ने जमरार बांध से पानी छोड़े जाने की दशा में कुंडेश्वर के पास एक अस्थाई स्टाप डैम बनाना शुरू कर दिया है, जो अब अंतिम दौर में है।
समीपवर्ती मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़ को पेयजल के लिए जमरार बांध से पानी छोड़ने को लेकर अधिकारियों के बीच संवाद चल रहा है। जमरार बांध में पानी की उपलब्धता जानने के लिए बृहस्पतिवार को सिंचाई निर्माण खंड प्रथम की टीम व टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद से आई टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया था। इसके बाद जमरार बांध से पानी छोड़ने की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। अब बांध से पानी छोड़ने का अनुमति पत्र सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता बेतवा परियोजना के समक्ष पहुंच गया है।
ललितपुर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पानी छोड़े जाने का सकारात्मक जवाब मिलने के बाद टीकमगढ़ नगर पालिका प्रशासन ने वहां कुंडेश्वर के समीप बने वरीघाट इंटेक वेल तक नदी का पानी किस प्रकार पहुंचे, इसका काम तेजी से करवाने में जुटा है। टीकमगढ़ नगर के अधिकारी लगातार इस काम की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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पानी का रुख मोड़कर पहुंचाया जाएगा वरीघाट तक
जमरार बांध से पानी छोड़े जाने पर यह जमरार नदी के माध्यम से यूपी-एमपी सीमा से सटे गांव क्योलारी, घाट खिरिया, तिंदारी, करमारी, अस्तौन, नचनवारा होते हुए कुंडेश्वर तक पहुंचेगा। यहां जमरार नदी दो भागों में विभाजित होती है।पहला भाग कुंडेश्वर कुंड से होकर गुजरता है, जबकि दूसरा भाग आगे जाकर वरीघाट से गुजरने वाली जामनी नदी में मिल जाता है। इसी रूट के अनुसार टीकमगढ़ तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
वरीघाट में बने इंटेक वेल के जरिये टीकमगढ़ नगर को होती है पेयजल आपूर्ति
कुंडेश्वर के पास स्थित वरीघाट से गुजरने वाली जामनी नदी पर एमपी शासन ने एक इंटेक वेल बना रखा है। इस वेल के जरिये ही टीकमगढ़ नगर के 27 वार्डों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन वर्तमान में जामनी नदी का जलस्तर कम होने के कारण टीकमगढ़ नगर में पेयजल संकट गहरा गया है।
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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में पेयजल समस्या के लिए वहां के प्रशासन ने जमरार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग की है। इस मांग को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा गया है।
इं. शीलचंद उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी
टीकमगढ़ के लिए जमरार बांध से पानी छोड़ने को सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारी को अनुमति पत्र भेजा गया है। यहां से अनुमति मिलने के बाद जमरार बांध से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इं. भागीरथ बरुआ, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड प्रथम