ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में अस्थाई ड्यूटी का खेल उजागर हो गया है, जिस अनुदेशक को पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात होना चाहिए, उसे नियम विपरीत प्राथमिक विद्यालय में लगा दिया गया। अस्थायी ड्यूटी का यह अकेला प्रकरण नहीं है, जिले में अनेक स्कूलों में शिक्षक और अनुदेशक नियम विपरीत डटे हुए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित अधिकांश प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कहीं कम तो कहीं ज्यादा अध्यापक तैनात हैं। इसकी प्रमुख वजह अस्थायी ड्यूटी है। तमाम स्कूलों में नियम विपरीत अनेक शिक्षक, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों को अस्थायी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। विशेषकर पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार अनुदेशक रखे गए हैं। लेकिन, कई अनुदेशकों ने ज्यादा दूरी को देखते हुए आसपास के प्राथमिक विद्यालयों में अपनी तैनाती करा ली है, इस कारण पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को संबंधित विषयों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही एक मामला बीएसए के संज्ञान में उस समय आया, जब प्राथमिक विद्यालय गंगचारी का निरीक्षण कर रहे थे। यहां अनुुदेशक आनंद कुमार गोस्वामी तैनात मिले जबकि उन्हें पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात होना चाहिए था। इस तरह से अनेकों प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशक लगे हुए हैं। कमोवेश यही स्थिति शिक्षक व शिक्षा मित्रों की है।
नहीं हटाए जा रहे बीएलओ
उच्च न्यायालय एवं मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के निर्णय के अनुसार दूसरे जिलों में शिक्षकों को बीएलओ के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है। लेकिन, जनपद में अनेक शिक्षक, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों से बीएलओ का कार्य लिया जा रहा है।