कंबल, रजाई, ऊनी कपड़ों और रूम हीटर की खरीदारी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में शीतलहर से लोगों का हाल बेहाल है। रविवार को कोहरे की चादर से जहां गलन बढ़ गई। वहीं, लोगों को वाहनों की लाइटें दिन में जलाकर आवागमन करना पड़ा। धूप न निकलने से लोगों को दिन में भी अलाव जलाना पड़े। सर्दी बढ़ते ही बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री तेज हो गई।
कड़ाके की सर्दी के बीच रविवार को न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस पर आ गया तो अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। पारा गिरने से गलन बढ़ गई। शीतलहर के चलते आमजनजीवन प्रभावित रहा। सरकारी स्तर पर सुबह अलाव नहीं जले लेकिन शाम को सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलते नजर आए। सर्दी के चलते ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म रहा। ग्राहकों ने खूब खरीदारी की। चर्च रोड पर सड़क पर जैकेट बेच रहे पप्पू ने बताया कि 600 रुपये से 1000 रुपये तक की जैकेट बिक रही है। सर्दी बढ़ने से आज अच्छी बिक्री हुई है।
तुवन चौराहे पर कंबल विक्रेता महेश ने बताया कि गत वर्ष सापेक्ष इस साल कंबलों के दाम करीब 20 फीसदी बढ़े हैं। सर्दी बढ़ने पर आज कंबल की बिक्री सही हुई। उसने बताया कि पहले 250 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कंबल बेचते थे लेकिन इस बार 300 रुपये किलोग्राम की दर पर बेच रहे हैं। सिंगल बेड का कंबल दो से ढाई किलोग्राम का रहता और डबल बेड का कंबल तीन से चार किलोग्राम का होता है। इधर, रुई की रजाई व गद्दा की बिक्री में तेजी आई है। विक्रेता सलमा ने बताया कि इस बार 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम रुई बिक रही है। एक रजाई करीब 1500 रुपये में तैयार हो रही है। वहीं, रूम हीटर और वॉटर हीटर की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।
अलाव के नाम पर खानापूरी, नहीं दिखी मानक के अनुरूप लकड़ी
सर्दी में अलाव बने राहगीरों का सहारा, रैन बसेरों में काटी रात
ललितपुर। सर्दी से बचाव के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए लेकिन अधिकांश जगह मानक के अनुरूप लकड़ी नजर नहीं आई। रविवार रात आठ बजे शहर के कुछ स्थानों का जायजा लिया तो हकीकत देखने को मिली।
शाम के समय नगर पालिका के अलाव ने लोगों को थोड़ी सी राहत दी है। हालांकि, अधिकांश जगह पर मानक अनुरूप अलाव में लकड़ियां नहीं पाई गईं, जबकि प्रति अलाव पर 40 किलो लकड़ी लगाने का नियम है। हालांकि, रैन बसेरों में पर्याप्त इंतजाम दिखाई दिए। कोतवाली के सामने रैन बसेरा में प्रतिदिन चार से पांच व्यक्ति रुक रहे हैं। हालांकि महिला रैन बसेरा में कोई भी नहीं ठहर रहा है। वहीं, पुलिस अधीक्षक आवास समीप स्थित रैन बसेरा में प्रतिदिन करीब 15 से 20 महिला-पुरुष ठहर रहे हैं। रैन बसेरों में लोगों को सोने के लिए पलंग, गद्दा व कंबल आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध दिखाई दिए।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी जगह अलाव जलाए जा रहे हैं। कोई व्यक्ति रात खुले आसमान के नीचे न गुजारे, इसके लिए रेन बसेरों में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभी सर्दी पड़नी प्रारंभ हुई है। अधिक सर्दी होने पर दिन में अलाव जलाए जाएंगे। - अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी ललितपुर
तुवन चौराहा पर कंबल बेंचता दुकानदार।