महरौनी (ललितपुर)। ग्राम पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान शनिवार को होगा। इसको लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। शुक्रवार की दोपहर में ब्लाक मुख्यालय से मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी हुई।
महरौनी ब्लाक की सभी छह न्याय पंचायतों के अंतर्गत कुल 66 ग्राम पंचायतों में प्रधानी और सदस्य पद के मतदान हेतु 104 मतदान केंद्र हैं और 170 पोलिंग बूथ पर मतदान होगा। ब्लाक महरौनी में कुल 645 प्रधान पद के उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य के फैसला कुल 1,11,270 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मतदान के लिए 38 बसों के माध्यम से शुक्रवार की दोपहर 170 पोलिंग पार्टियों की ब्लाक मुख्यालय से मतपत्रों, मतपेटियों और अन्य निर्वाचन संबंधी सामग्री सहित रवानगी हुई। मतदान संपन्न कराने के लिए प्रत्येक पोलिंग बूथ पर चार-चार मतदान कार्मिकों को तैनात किया गया है।
इस तरह महरौनी ब्लाक के सभी पोलिंग बूथ पर कुल 680 मतदान कार्मिकों की ड्यूटी रहेगी, जबकि 31 मतदान कार्मिक रिजर्व ड्यूटी पर रहेंगे। रिटर्निंग आफीसर सुशील कुमार दुबे ने सभी पोलिंग पार्टियों की रवानगी से पूर्व उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बाक्स में
दो जोनल और 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए
ग्राम पंचायत चुनाव में मतदान कार्य के दौरान महरौनी ब्लाक के अंतर्गत दो जोनल मजिस्ट्रेट और 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। जोनल मजिस्ट्रेट हंसराज और रामसूरत हैं, जबकि सेक्टर मजिस्ट्रेट में भागीरथ चतुर्वेदी, आनंद स्वरूप, राजकुमार, सरनाम सिंह, अशोक कुमार, प्रद्युम्न कुमार जैन, जितेंद्र कुमार, डा.सुनील कुमार, विनोद कुमार, मनोज कुमार, सन्नी कौशल खान, बृजेंद्र कुमार, सतीश चंद्र, डा. बृजमोहन, डा. दिनेश कुमार श्रीवास्तव, डा. छंदीलाल और मानसिंह चंदेल के नाम शामिल हैं।
ड्यूटी कटवाने की रही होड़
शुक्रवार की सुबह से सामुदायिक विकास भवन में मतदान कार्मिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इनमें से अधिकांश सरकारी कर्मचारी ऐसे थे, जो मतदान के लिए लगाई गई ड्यूटी कटवाने के लिए सक्रिय थे। परेशानियों का हवाला देते हुए उक्त कर्मचारी रिटर्निंग आफीसर सुशील कुमार दुबे, उप जिलाधिकारी यशु रुस्तगी, खंड विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह व अन्य सक्षम अधिकारियों के चक्कर काटते रहे,
लेकिन इनमें से कुछ को छोड़कर बाकी लोग ड्यूटी कटवाने में सफल नहीं हो सके। लगभग एक दर्जन महिला कर्मचारियों की ड्यूटी कट गई। अनेक महिला कर्मचारियों को तो अपने छोटे बच्चों के साथ पोलिंग बूथों को रवाना होना पड़ा