ललितपुर। मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा अस्पताल में गंभीर रोगियों के उपचार की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला से चर्चा कर अस्पताल में स्टॉफ की जानकारी ली, जिसमें पता चला कि 150 मेडिकल स्टॉफ के सापेक्ष महज 36 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। प्रशिक्षित टेक्नीशियन नहीं हैं, एमआरआई मशीन उपलब्ध नहीं हैं। यही नहीं पाया कि क्रिटिकल केयर यूनिट तक नहीं है। ऐसे में प्रतिदिन रेफर कई मरीज रास्ता में ही दम तोड़ रहे हैं। कॉलेज के 300 बेड के नवनिर्मित अस्पताल में विशेष वार्ड को स्टाफ की कमी के चलते शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. गजेंद्र सिंह से जानकारी ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल्द ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर स्थाई समाधान की बात रखेंगे। उन्होंने कहा यह मेडिकल कॉलेज नहीं, हमारे जिले की स्वास्थ्य उम्मीद है। इसे सफेद हाथी नहीं बनने देंगे।