ललितपुर। बीते तीन वर्षों में भालुओं की संख्या में करीब एक सैकड़ा का इजाफा हुआ है। मड़ावरा वन ब्लॉक में वर्ष 2022 की गणना के अनुसार इनकी संख्या 318 आंकी गई है। वन विभाग ने भालुओं के संरक्षण के लिए 30 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। इस धनराशि से मड़ावरा वन ब्लॉक के लखंजर, पापड़ा, धौरीसागर, कोथरा के आसपास करीब आठ हजार हेक्टेयर भूमि पर संरक्षण की योजना है। शासन से धनराशि मिलने पर इनके संरक्षण का तो कार्य होगा ही, साथ ही वहां पर्यटकों की सुविधा के लिए कच्चा मार्ग व भालू सी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे।
मड़ावरा वन ब्लॉक में भालुओं की अच्छी संख्या है। इनके संरक्षण के लिए वन विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। वर्ष 2020 में इनकी संख्या इस क्षेत्र में करीब 200 पाई गई थी। लगातार चल रहे संरक्षण कार्यों से वर्ष 2022 की गणना में इनकी संख्या 318 आंकी गई है। नर भालू की संख्या 116, मादा 139 व बच्चों की संख्या 63 है। इनके विचरण के लिए पर्याप्त जंगल है। इनके सुरक्षित विचरण के लिए वहां वन विभाग ने कार्य योजना तैयार की है। साथ ही इन्हें वनों में स्वच्छंद विचरण करते हुए पर्यटक देख सकें, इसके लिए वहां इको पर्यटन के माध्यम से योजना तैयार की गई है। शासन से इस धनराशि को मंजूरी मिलती है तो यह बुंदेलखंड का पहला भालू सफारी बन जाएगा। इसके मनोरम दृश्य का आनंद पर्यटक ले सकेंगे।
ये है कार्ययोजना
-आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में शिकारी न पहुंच सकें, इसके लिए सुरक्षा खाई बनाना।
-कच्चा वन मार्ग जिससे पर्यटक वन क्षेत्र में आसानी से भ्रमण कर सकें
-सी प्लाइंट, जिससे पर्यटक सुरक्षात्मक तरीके से भालू देख सकें
-सफारी बनने के बाद बैटरी वाहन के लिए अलग से प्रस्ताव बनाया जाएगा।
जनपद में यह है वाइल्ड लाइफ की स्थिति
प्रजाति का नाम - नर - मादा - बच्चे - योग
तेंदुआ - 07 - 07 - 08 - 22
फिशिंग कैट - 04 -04 - 02 - 10
चिंकारा - 80 - 92 - 71 - 243
चौसिंघा - 25 - 32 - 25 - 82
वनरोज - 6412 - 6155 - 2860- 15427
सांभर - 59 - 71 - 54 - 184
चीतल - 213 - 221 - 195 - 629
बारासिंघा - 14 - 28 - 26 - 68
भालू - 116 - 139 - 63 - 318
भालू संरक्षण के लिए शासन से 30 लाख रुपये की धनराशि मांगी गई है। इस धनराशि से मड़ावरा वन क्षेत्र में भालू संरक्षण के अलावा वाइल्ड टूरिज्म के विकास कार्य किए जाएंगे।-गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।