शहर में आने वाली रक्षा विभाग भूमि पर आवास विकास ने विकसित करने का मसौदा किया तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला प्रशासन की पहल पर शहर के भीतर रक्षा विभाग की 209 एकड़ भूमि पर आवास विकास बोर्ड कार्य योजना तैयार कर विकास कार्य कराएगा। विकास बोर्ड ने मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को भेजा है। राज्य सरकार ने अपनी स्वीकृति करते हुए केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। केंद्र सरकार व रक्षा विभाग की मंजूरी के बाद इस पर कार्य किया जाएगा।
शहर में अलग-अलग जगहों पर बिखरी पड़ी रक्षा विभाग की 209 एकड़ जमीन पर आवास विकास परिषद कॉलोनी विकसित करेगी। जमीन के सर्किल रेट का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद आवास विकास परिषद उस सर्किल रेट पर जमीन अधिग्रहण करेगी। शहरी विकास में रोड़ा बन रही रक्षा विभाग की इस भूमि को आवास विकास को सुपुर्द कर यहां विकास कार्य कराने की कवायद जिला प्रशासन ने शुरू कर दी थी।
शहर में रक्षा विभाग की यह भूमि इलाइट चौराहे, बस स्टैंड के पास, मेडिकल कॉलेज के पास, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने, पुलिस अधीक्षक आवास के पास और गल्ला मंडी के पास स्थित है। आवास विभाग यहां पर आवासीय व व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा। वर्तमान में रक्षा विभाग की इस भूमि के अनुसार शहरी विकास का खाका तैयार नहीं हो पा रहा था। कई जगह पर जमीन होने के कारण शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है।
इधर, रेलवे स्टेशन से घंटाघर रोड को दोनों तरफ से चौड़ा किया जा रहा है। इसके बाद फुटपाथ बनाया जाएगा। सड़क के बीच में डिवाइडर भी बनाए जाने की तैयारी है। इससे वाहनों के आवागमन के दौरान जाम की समस्या न हो।
लोगों को सस्ती दरों में उपलब्ध होगी सुनियोजित कॉलोनी
वर्तमान में जिले में मनमाने तरीके से भवन निर्माण कराए गए हैं। वर्तमान में कॉलोनाइजर मनमाने तरीके से अपने दामों पर भूमि विक्रय कर रहे हैं। आवास विकास की कॉलोनी विकसित होने के बाद लोगों को सस्ती दरों पर भवन उपलब्ध होगा। साथ ही अवैध कॉलोनाइजरों पर लगाम लग सकेगी।
शहर की बदलेगी तस्वीर
शहर के बीच में कई जगह रक्षा विभाग की जमीनें खाली पड़ी हैं। यह भूमि कचरा व गंदगी से भरी होती है। इस भूमि पर आवास विकास जब सुनियोजित तरीके से विकास करेगा तो शहर की अलग ही तस्वीर दिखाई देगी।
वर्जन
आवास विकास बोर्ड ने रक्षा विभाग की भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव अपने बोर्ड बैठक में पास कर लिया है। अब राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्रावली भेजी गई है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद आवास विकास परिषद कार्य प्रारंभ करेगी। - सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी