पंचायत सचिव से विवाद और चिकित्सक से रंगदारी मांगने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। डगडगी गोशाला में पंचायत सचिव से विवाद और जखौरा क्षेत्र में चिकित्सक को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामलों में आरोपियों की जमानत याचिकाएं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी हैं।
डगडगी गोशाला में पंचायत सचिव इंद्रेश कुमार गौतम ने थाना गिरार में ढाई माह पहले तहरीर देकर बताया था कि 21 नवंबर 2025 को शाम पांच बजे जिला पंचायत सदस्य नाराहट मनोज कुशवाहा, देवेंद्र कौशिक, अरविंद मिश्रा आए और जबरन गोशाला में घुसने लगे। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो उक्त लोग जबरदस्ती गोशाला में घुसकर गालियां देते हुए जान से मारने का भय दिखाकर रुपयों की मांग करते हुए मारना शुरू कर दिया।
इस पर थाना गिरार पुलिस ने आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली और आरोपी देवेंद्र कौशिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, दूसरे मामले में थाना जखौरा क्षेत्र के कस्बा बांसी निवासी डॉ. उदयराम वर्मा ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वह अपने धर पर दिव्यांशी क्लीनिक के नाम से प्रैक्टिस करते हैं। बीते नौ सितंबर 2025 को देवेंद्र अपने दो साथियों के साथ उसके घर पर आया और उसकी क्लीनिक का वीडियो बनाया। इसे वायरल करने की धमकी देते हुए दो लाख रुपयों की मांग की।
इस मामले में जखौरा थाना पुलिस ने देवेंद्र कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी देवेंद्र ने उक्त दोनों मामलों में जमानत याचिकाएं प्रस्तुत कीं। जिस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) विकास कुमार की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए याचिकाएं निरस्त कर दी हैं।