तालबेहट (ललितपुर)। नगर के श्री मर्दन सिंह इंटर कॉलेज में अध्यापकों के अभाव के चलते सोमवार को हुई कक्षा 12 की रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा सहित वार्षिक गृह परीक्षाएं मजाक बन गई है।
रसायन शास्त्र विषय का प्रवक्ता न होने के कारण प्रयोगशाला सहायक ने परीक्षा पूरी कराई। वही गृह परीक्षाओं में परीक्षाथियों को जमीन पर बैठ कर परीक्षा देनी पड़ रही है।
सोमवार को कक्षा 12 के छात्रों की रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा थी। रसायन विज्ञान का प्रवक्ता न होने के कारण चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारियों के सहयोग से प्रयोगात्मक परीक्षा पूरी कराई गई। वहीं, कक्षा दस और ग्यारह को छोड़ कर शेष कक्षाओं की गृह परीक्षाएं हो गई है। जो काफी अनियमितताओं के मध्य हो रही है।
यह परीक्षाएं अध्यापकों के स्थान पर चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारियों से ली जा रही है । वही प्रति वर्ष भारी संख्या में फर्नीचर बनाने का राग अलापने वाले इस विद्यालय में छात्रों को फर्श पर बैठ कर परीक्षा देना पड़ रही है।
इस संबंध में जब विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवचरण साहू से जानकारी ली तो उनका कहना था कि विद्यालय में एक हजार चार सौ छात्रांकन के सापेक्ष लगभग तीन हजार से अधिक छात्र है। वही 17 स्थायी अध्यापकों के अलावा इतने ही अभिभावक संघ द्वारा रखे गए अध्यापक हैं। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता का पद लगभग तीन वर्षों से खाली पड़ा है। ऐसी स्थिति में परीक्षा कराना उनके लिए मुसीबत भरा काम है।
गृह परीक्षाएं कराना प्रधानाचार्य पर निर्भर: डीआईओएस
इस संबंध में जब जिला विद्यालय निरीक्षक एसपी यादव से फोन पर उनका पक्ष लिया गया तो उनका कहना था कि गृह परीक्षाएं कराना प्रधानाचार्य के ऊपर निर्भर करता है। एक अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ होना है। गृह परीक्षाएं प्रारंभ होने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।