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Lalitpur News: बीस माह में दस सरकारी कर्मचारी-अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े गए

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ललितपुर। जिले में सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एंटी करप्शन और सतर्कता अधिष्ठान की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं, इसके बावजूद सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के रिश्वत मांगने के मामले थम नहीं रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब लोग रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत कर रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को रंगेहाथ पकड़वाने के लिए आगे आ रहे हैं। जनवरी 2025 से 10 सितंबर 2026 तक करीब 20 माह में जिले में 10 सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जा चुके हैं।
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रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी और अधिकारी
-28 जनवरी 2025: सिंचाई विभाग में तैनात सींचपाल मुश्ताक अली को महिला किसान से चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया।
-4 फरवरी 2025: लेखपाल राजेंद्र रजक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-11 मार्च 2025: सेवानिवृत्त कृषि कर्मचारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक लिपिक को पकड़ा गया।
-16 अप्रैल 2025: सहायक चकबंदी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक अशोक कुमार सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-13 मई 2025: वन विभाग में तैनात वन दरोगा राजकुमार को 6,500 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-22 मई 2025: ग्राम पंचायत पनारी में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर राजपूत को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-16 मार्च 2026: तालबेहट कोतवाली क्षेत्र में तैनात लेखपाल दीपेश कुमार और उसके साथी सत्यम साहू को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-25 अप्रैल 2026: वन रक्षक प्रिया कुमारी और प्राइवेट वाचर जाहर सिंह को लकड़ी ठेकेदार से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
-21 मई 2026: कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते सतर्कता अधिष्ठान झांसी की ट्रैप टीम ने पकड़ा।
-10 सितंबर 2026: बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार को सेवानिवृत्त शिक्षक से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया।
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एक साल बाद सेवानिवृत होने वाला था आरोपी
सेवानिवृत्त शिक्षक से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए बेसिक शिक्षा विभाग के कनिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा का करीब एक साल का सेवाकाल अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि एक साल बाद उन्हें सेवानिवृत्त होना था। सेवानिवृत्ति से पहले ही वह रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की जद में आ गए।
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