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परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी से परवान नहीं चढ़ पा रहे कार्यक्रम

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ललितपुर। विभिन्न भर्तियों के बाद भी जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पाई है। इसके चलते शैक्षिक कार्यक्रम परवान नहीं चढ़ पा रहे हैं। पिछले दिनों ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम चला। इसमें शिक्षकों की व्यस्त होने से आनलाइन कक्षाएं प्रभावित हुईं।
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जिले में 1500 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को जूनियर स्तर तक की शिक्षा मुहैया कराई जाती है। अधिकतर स्कूलों में स्वीकृत पद के सापेक्ष शिक्षकों की कमी बनी हुई है। सबसे ज्यादा नगर क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति दयनीय है। यहां कामचलाऊ व्यवस्था में स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। कहीं अनुदेशक तो कहीं शिक्षा मित्र प्रभारी के तौर पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही है। विकासखंड बार के प्राथमिक विद्यालय बानौनी में करीब 290 छात्रांकन हैं और इसके मुकाबले प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षक ही तैनात हैं। ब्लॉक जखौरा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय देहरे बाबा में लंबे समय से कोई नए शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है। यहां भी प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षक ही नियुक्त हैं। इसका विपरीत प्रभाव शैक्षिक कार्यक्रमों पर पड़ रहा है। इसमें प्रमुख रूप से प्रेरणा लक्ष्य व दीक्षा कार्यक्रम शामिल हैं। प्रेरणा लक्ष्य में शासन ने प्राथमिक विद्यालयों की विभिन्न कक्षाओं के अधिगम स्तर तय किए हैं। जब विद्यालय निर्धारित अधिगम स्तर को पा लेंगे तो वह प्रेरक विद्यालय कहलाएगा। शिक्षकों की कमी के कारण ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन प्रभावी नहीं हो पा रहा है।
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संक्रमित हो रहे शिक्षक
कई शिक्षक कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। इससे भी शैक्षिक कार्यक्रमों को आगे चलाने में दिक्कत हो रही है। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी भी बच नहीं पाए हैं। ऐसे में विभाग को दोहरी चुनौती झेलनी पड़ रही है।
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जिले में करीब 1100 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। मौजूदा नियुक्त शिक्षकों के सहयोग से शासन के विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। रामप्रवेश, बीएसए
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