ललितपुर। स्कूल में शिक्षण कार्य छोड़कर बेसिक शिक्षा कार्यालय में घूम रहे एक अनुदेशक और एक इंचार्ज प्रधानाध्यापक का बीएसए ने वेतन रोक दिया। साथ ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और एबीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया है।
स्कूल अवधि में शिक्षकों व अन्य स्टाफ द्वारा हस्ताक्षर कर अपने निजी कार्य के लिए निकल जाने की शिकायत आए दिन सामने आती रहती है। मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश को कार्यालय में एक शिक्षक सुजान निरंजन व अनुदेशक शैलू सिंह घूमते हुए मिले। सुजान निरंजन उच्च प्राथमिक विद्यालय बनयाना ब्लॉक मड़ावरा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक हैं और अनुदेशक शैलू सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय मथुराडांग ब्लॉक बार में पदस्थ है।
बीएसए ने दोनों से विद्यालय छोड़कर कार्यालय आने का कारण पूछा तो दोनों ने बताया कि उन्हें काम है। इस पर बीएसए ने पूछा कि स्कूल अवधि में आने पर उन्होंने कोई पत्र लिखा। तब दोनों ने बताया कि वह अवकाश पर है। इस पर बीएसए ने संबधित विद्यालयों में जानकारी ली तो पता चला कि दोनों ही अपने अपने विद्यालयों में सुबह उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करके विद्यालय से चले गए हैं। इस पर बीएसए ने शिक्षक व अनुदेशक एक दिन का वेतन/मानदेय रोकने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए की कार्रवाई से शिक्षकों व अन्य स्टाफ में हड़कंप है।
स्कूल समयावधि में अनाधिकृत रूप से एक शिक्षक व अनुदेशक बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में घूमते मिले। दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन/मानदेय रोक दिया गया है। साथ में दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रामप्रवेश, बेसिक शिक्षा अधिकारी