ललितपुर। लॉकडाउन के कारण अलग-अलग शहरों में फंसे मजदूर एवं अन्य व्यक्तियों की वापसी का रास्ता साफ होते ही प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटरों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी है। इन सेंटरों पर शिक्षकों की आश्रय स्थलवार ड्यूटी लगाई गई है। तैनात शिक्षक सेंटरों पर पहुंचने वाले मजदूर/ व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे।
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश लॉकडाउन है। सैकड़ों मजदूर/व्यक्ति विभिन्न राज्यों के अलग-अलग शहरों में फंस गए हैं। प्रदेश सरकार ने अब ऐसे लोगों की घर वापसी कराने का निर्णय लिया है। इसे ध्यान में रखकर जिले में क्वारंटीन सेंटरों की संख्या बढ़ा दी गई है। नए क्वारंटीन सेंटरों को व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इन सेंटरों पर पहुंचने वाले मजदूर/ व्यक्तियों की सूची बनाने का जिम्मा अध्यापकों को सौंपा गया है। शिक्षकों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
उधर, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. अवधेश सिंह ने सफाई कर्मियों की तैनाती की है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग क्वारंटीन सेंटरों पर पहुंचने वाले मजदूर/व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए टीम को नियुक्त किया है। कई शिक्षकों को क्वारंटीन सेंटरों पर तैनाती रास नहीं आ रही है। कइयों ने ड्यूटी कटवाने के लिए बहानेबाजी शुरू कर दी है। कुछ शिक्षक ड्यूटी लगने से उत्पन्न हो रही समस्या को लेकर बीएसए के समक्ष प्रस्तुत हो रहे हैं।
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कईयों को रास नहीं आ रही ड्यूटी
जिन शिक्षकों की ड्यूटी क्वारंटीन सेंटर पर लगने से बच गई है, वे मन ही मन प्रसन्नचित्त हो रहे हैं तो कइयों को ड्यूटी लगाना रास नहीं आ रहा है। कुछ शिक्षक ऐसे भी है जिन्हें क्वारंटीन सेंटर पर ड्यूटी लगवाने में कोई एतराज नहीं है। इसके बाद भी उनकी किन्हीं कारणों से ड्यूटी लग नहीं पाई है।
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नहीं है स्पष्ट आदेश
जिन शिक्षकों को क्वारंटीन सेंटर पर लगाया गया है, उनकी कब तक तैनाती रहेगी इसे आदेश में स्पष्ट नहीं किया गया है। इसे लेकर भी कुछ शिक्षकों में नाराजगी है। हालांकि, बीएसए का कहना है कि जब तक क्वारंटीन सेंटर संचालित होंगे, तब तक उनकी ड्यूटी बनी रहेगी।
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क्वारंटीन सेंटर पर आ रहे लोगों का विवरण लिखने के लिए शिक्षकों को लगाया गया है। यदि प्रशासन द्वारा क्वारंटीन सेंटर की संख्या बढ़ाई जाती है तो अन्य शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।
- रामप्रवेश, बेसिक शिक्षा अधिकारी