ललितपुर। मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति राजनीति करता है तो उसे वोट चाहिए। लेकिन उनका व्यक्तिगत मत है कि चुनाव में फ्री रेवड़ी बंटवाकर वोट लेना समाज के हित में नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि हम राष्ट्रहित की सोंचेगे तो लोकहित अपने आप होगा। लेकिन हम उल्टा सोचना चाहते हैं। पहलेे लोक लुभावन की सोचते और लोक लुभावन से लोकहित की सोचते हैं। इसके बाद लोकहित से राष्ट्रहित की सोचते हैं, ये शायद ठीक नहीं है। वह शुक्रवार को विधानसभा सचिव शिशिर चौबे की मां के निधन पर चौबयाना स्थित उनके आवास पर शोक संवेदना जताने आए थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में पोषाहार के मामले को लेकर प्रतिपक्ष के बहिष्कार पर कहा कि प्रतिपक्ष के लोग आरोप लगाते हैं, लेकिन जबाव सुनने के समय वह सदन छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक ने पुलिस कर्मियों पर हाथ पकड़ने के जो आरोप लगाए थे, उसकी जांच कराई गई तो आरोप गलत पाए गए। कांग्रेस विधायक हाथ में स्लोगन की तख्तियां लेकर अंदर आना चाहते थे। जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर रोक लिया और उनकी तख्तियां हाथ से लेने की कोशिश कर रहे थे जिसकी सीसीटीवी से पुष्टि भी हुई है।
उन्होंने कहा कि करीब 42 साल से वह विधायक हैं। लेकिन राजनीति में जो परिवर्तन आ रहा वह चिंताजनक है। पत्रकार को अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता ईश्वर ने दी है। समाज की वेदना को उजागर करने में पत्रकारिता का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज कई क्षेत्रों में विश्वनीयता का संकट है चाहे वह नेता हो या मीडिया अथवा धर्माचार्य। हम सभी मिलकर समाज को विचारों से विश्वास दिलाएं इसकी बेहद जरूरत है।
शोक संतृप्त परिवार को बंधाया ढांढस
मध्य प्रदेश विधानसभा के सचिव शिशिर चौबे की मां का वीणा चौबे पत्नी स्व. रमेश चंद्र चौबे का नौ सितंबर को निधन हो गया था। शुक्रवार को विधान सभा अध्यक्ष गिरीश गौतम उनके चौबयाना स्थित पीली कोठी आवास पर सुबह 11 बजे पहुंचे और स्व. वीणा चौबे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बधाया। इस मौके पर विधान सभा सचिव शिशिर चौबे, समीर कांत चौबे, सलिल कांत चौबे, शरद कांत चौबे, सूर्यकांत चौबे, सोमकांत चौबे, सुरश्मी कांत चौबे (गोल्डी), वरुण वैद्य, सौरभ वैद्य, शोभित वैद्य, अंशुल, सोमिल, नकुल, सनी, हेतांश आदि मौजूद रहे।