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टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों में आक्रोश

Wed, 16 Nov 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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water, jhansi news - फोटो : demo
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कस्बा महरौनी व क्षेत्र के कृषकों को सिंचाई कार्य हेतु समय से नहर का पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने नगर पंचायत अध्यक्ष कृष्णा सिंह और पूर्व ब्लाक प्रमुख दरयाव सिंह के नेतृत्व में तहसील दिवस के अवसर पर उपजिलाधिकारी हरिश्चंद्र यादव को एक ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में अवगत  कराया गया कि जामनी नहर को खुले हुए दो सप्ताह से अधिक समय हो गया है  लेकिन अभी तक महरौनी रजबहा और मुडिया बैदपुर माईनर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि अभी तक असिंचित पड़ी है। टेल के किसानों को समय से पानी न मिल पाने की वजह से कुछ खेतों में तो अभी बुवाई तक नहीं हो पायी है, वहीं जिन खेतों में बोहनी हो चुकी थी, वह फसलें  पानी न मिलने से सूख रही हैं। किसानों ने अवगत कराया कि टेल तक पानी ना पहुंचने से किसान अपनी फसलों को लेकर काफी चिंतित हैं। गत कुछ वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के चलते क्षेत्र के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है और वह कर्ज में डूबे हैं। भुखमरी की कगार पर पहुंचे किसानों को अच्छी बारिश होने के बाद इस बार फसलों की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी लेकिन  सिंचाई हेतु नहर का पानी उपलब्ध ना हो पाने से वह अब परेशान हैं।
  किसानों ने प्रशासन से शीघ्र ही रजबहा एवं मुडिया बैदपुर माईनर को संचालित कराने की मांग की है, अन्यथा की स्थिति में आंदोलन छेड़ने की  चेतावनी दी गई। ज्ञापन पर अनेक क्षेत्रीय किसानों के हस्ताक्षर बने हुए हैं।
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सिल्ट सफाई में हुई खानापूर्ति
कृषि कार्य हेतु जामनी नहर पर सिंचाई के लिए निर्भर क्षेत्रीय किसानों में टेल तक पानी ना पहुंचने की वजह से जमकर आक्रोश है। किसानों का कहना है कि पिछली लगभग 10 साल से टेल तक पानी समय से नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषिभूमि सिंचाई के अभाव में बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खेती में नुकसान से चिंतित किसान हर बार समस्या के स्थायी समाधान हेतु मांग  करते चले आ रहे हैं लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम  नहीं उठाये गये हैं।
टेल के किसानों का कहना है कि नहरों के संचालन से पहले सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की समुचित मरम्मत करायी जानी चाहिये। लेकिन विभाग द्वारा सिल्ट सफाई के नाम  पर महज खानापूर्ति ही की जा रही है। कई जगहों पर भारी सिल्ट जमा होने के  कारण नहर की गहराई कम हो गयी है और पानी की धारा आगे नहीं बढ़ पा रही है। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के रखरखाव व मरम्मत कार्य हेतु आने वाली धनराशि  का बंदरबांट हो जाता है और कागजों में ही नहरों की मरम्मत कार्य की  औपचारिकता पूरी कर ली  जाती है। सिंचाई की परंपरागत समस्या से जूझ रहे  टेल के किसानों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुये नहर की  सिल्ट सफाई व मरम्मत के नाम पर की गयी खानापूर्ति की जांच कराने की मांग  की है।

रोक लेते हैं पानी, 
महरौनी (ललितपुर)। जामनी नहर का संचालन शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद  अभी तक पानी टेल तक ना पहुंच पाने की एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि कुछ असरदार लोग नहर का पानी रोक लेते हैं ।अवैध रूप से पानी  रोके जाने के मामलों में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो रही। इनके कब्जे से नहर का पानी मुक्त कराने और इसे आगे बढ़ाने के लिये  पेट्रोलिंग टीम तो बनाई गयी हैं। लेकिन इस टीम में पुलिस उपलब्ध नहीं कराई  गयी है। ऐसे में पैट्रोलिंग टीम भी इन असरदार लोगों के आगे बौनी साबित हो रही है। किसान विरोध करते हैं तो इन लोगों से तनातनी और झगड़े की नौबत आ जाती है। ऐसे में अनेक किसान इनका विरोध नहीं कर पा रहे । सिंचाई विभाग की  मानें तो गत तीन नवंबर को पुलिस प्रशासन से नहरों की पेट्रोलिंग हेतु फोर्स की मांग की गयी थी, लेकिन पुलिस का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा  है कि पुलिस बल इन दिनों बैंकों में भीड़भाड़ के चलते शांति व्यवस्था बनाने  में और यातायात माह नवंबर के चलते वाहन चेकिंग अभियान में व्यस्त है, इसलिये नहरों के पेट्रोलिंग कार्य हेतु पुलिस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। 
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