ललितपुर। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली व्यवस्थाएं मुहैया कराने के लिए बकाएदारों से वसूली के साथ ही विद्युत चोरी पर नियंत्रण करना जरूरी है। इसके लिए ‘सक्रिय’ योजना लागू की गई है। इसके तहत सभी विधाओं के उपभोक्ताओं को सरचार्ज सौ फीसदी माफ किया जा रहा है। सिर्फ नलकूप उपभोक्ताओं को सरचार्ज छूट के साथ ही चार किश्तों की सुविधा दी जा रही है।
जिला परिषद स्थित विद्युत कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता में अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बकाएदार बिजली उपभोक्ताओं के सरचार्ज में माफी के लिए विलंब अधिभार आम माफी योजना (‘सक्रिय’) लागू की गई है, जिसका उद्देश्य जनपद को भरपूर बिजली आपूर्ति मुहैया कराना है।
विद्युत बकाया न मिलने से वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति बिगड़ती है, वहीं उपभोक्ताओं को उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप विद्युत सेवाएं प्राप्त नहीं हो पाती हैं। इसी के चलते उपभोक्ताओं के हित में बिलंब अधिभार आम माफी योजना के रूप में अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इसमें शहरी घरेलू, वाणिज्यिक, निजी नलकूप संस्थान और छोटे उद्योग लाभान्वित होंगे। इन श्रेणी के सभी उपभोक्ताओं को सरचार्ज में सौ फीसदी माफी दी जा रही है। सिर्फ नलकूप उपभोक्ताओं को सरचार्ज छूट के साथ ही चार किश्तों की सुविधा दी जा रही है। जबकि, बाकी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए पंजीकरण के बाद निर्धारित समय में सरचार्ज माफी के साथ ही एक मुश्त बकाया धनराशि जमा करनी होगी।
वहीं, लघु एवं मध्यम औद्योगिक विधा के उपभोक्ताओं को एक मुश्त भुगतान पर पचास फीसदी सरचार्ज में छूट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सक्रिय योजना समाप्त होने के बाद पावर कार्पोरेशन हर बकाएदार से सख्त प्रावधान का प्रयोग कर बकाया वसूली करेगा। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से यह अंतिम अधिभार माफी योजना दी गई है।
45 दिन के अंदर कराएं पजीयन
माफी योजना का लाभ पाने के लिए शहरी क्षेत्र में घरेलू, वाणिज्यिक, निजी संस्थान एवं निजी नलकूप के उपभोक्ताओं को 45 दिन के अंदर पंजीकरण कराना होगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए घरेलू, वाणिज्यिक व निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं को 60 दिन और लघु एवं मध्यम उद्योग के उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी की इस योजना से लाभान्वित होने के लिए 30 दिन में पंजीकरण कराना होगा।
जेई, एसडीओ को वसूली लक्ष्य सौंपा
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा सभी उपखंड के अंतर्गत अवर अभियंताओं को 10 हजार से 50 हजार रुपए तक बकाएदारी वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, एसडीओ को 50 हजार से एक लाख तक और एक लाख रुपए से अधिक की वसूली की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता को दी गई है।