ललितपुर। हजरत बाबा सदनशाह ग्राउंड पर आल इंडिया सुन्नी इस्लाही इज्तिमा शुरू हो गया। इस मौके पर इलाहाबाद से आए मुफ्ती मुजाहिद हुसैन ने कहा कि इस्लाम धर्म मानवता का संदेश लेकर दुनिया में आया है, इसी संदेश के जरिए समाज में फैली बुराइयों को दूर करने काम किया जा रहा है।
हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला अलैह की दरगाह पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय सुन्नी इस्लामी इज्तिमा रविवार से शुरू हो गया। इलाहाबाद से आए मुफ्ती मुजाहिद हुसैन ने दुनियाबी बातों का जिक्र करते हुए लोगों से दीनी तालीम की तरफ बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति दीन को भूलता जा रहा है। यही वजह है कि दुनिया में तरह- तरह की शैतानी हरकतें होनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने इमाम का उदाहरण देते हुए कहा कि आलिम व्यक्तियों का सरदार होता है। यदि वह सुधरा है तो जमाना सुधर जाएगा और यदि आलिम बिगड़ गया तो जमाना बिगड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटी वह है, जो बाप को जन्नत में ले जाती है।
कारी शकील मुरादाबाद ने इस्लाम पर बोलते हुए कहा कि इस्लाम ने कभी भी किसी धर्म को खराब नहीं कहा, बल्कि सभी को अपने धर्म के रास्ते पर चलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुरआन कई भाषाओं में आ चुका है। इसे सभी पढ़ सकते हैं और समझ भी सकते हैं। इसके बाद रात में इशा की नमाज के बाद तकरीर का सिलसिला शुरू हुआ। शेरे बिहार मुफ्ती शहरयार बिहार व मुफ्ती यामीन निजामी कोटा राजस्थान ने भी अपनी तकरीर में दीन-ए-तालीम पेश की। इस मौके पर उर्स कमेटी के सदर शहर पेश इमाम हाजी अब्दुल अलीम, हाफिज असलम रजा, मुहम्मद इकरामुद्दीन, हाफिज जाबिर, हाजी इलियास, उबैद रजा, नजमुलहसन, हाजी बाबू बदरुद्दीन कुरैशी, हाजी साबिर अली, रमजान अली दादा, अजीज कुरैशी, हाजी अनीस मंसूरी, अब्दुल रहमान कल्ला, कमरुद्दीन कप्तान, पत्रकार अबरार अली, मीडिया प्रभारी उर्स कमेटी मु. नसीम, हाजी अतीक खां, रमजानी दादा, शफात खां, अख्तर खां, हाजी मुहम्मद अली आदि उपस्थित रहे।